Waqf Amendment: वक्फ बोर्ड आज होगा अलविदा या नहीं, फैसले की घड़ी आ चुकी है बिल्कुल नजदीक, देखिए पूरी रिपोर्ट

Waqf Amendment Bill: देश में वक्फ बोर्ड को अलविदा कहा जाएगा या नहीं इस फैसले की घड़ी बिल्कुल नजदीक आ चुकी है। यह बात हम इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को पास कराया जा चुका है और आज राज्यसभा में भी इस बिल के पास होते ही पुराना वक्फ बोर्ड इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा। इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद नए नियमों और नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड काम करेगा। इसलिए पुराने वक्फ बोर्ड को अब अलविदा कहा जाएगा या नहीं इसका फैसला कुछ इस समय में हो जाएगा।
पाठकों को बता दें कि बुधवार को केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने द्वारा बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। जिसे देर रात पूर्ण बहुमत से पास करा लिया गया। लोकसभा से इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद आज वक्फ संशोधन विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्यसभा में भी वोट प्रतिशत के हिसाब से यह बिल आज पास हो जाएगा।
हालांकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई बड़ी पार्टियां वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में खड़ी हुई हो गई हैं। लेकिन वोट प्रतिशत का आंकड़ा देखते हुए कुछ लोगों का मानना है कि अब वक्फ बोर्ड को अलविदा कहने का समय आ गया है। लोगों का मानना है कि वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में पुराना वक्फ बोर्ड इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह जाएगा।
सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक के लिए एनडीए के सभी घटक दलों का मिला जबरदस्त समर्थन
पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद आज पूरी तैयारी के साथ इस विधेयक को राज्यसभा के पटल पर रखा है। सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक हेतु एनडीए के सभी घटक दलों का जबरदस्त समर्थन मिला है। कल बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में मात्र 232 वोट पड़ने के साथ ही इस विधेयक का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ हो गया था।
लोकसभा में मंजूरी मिलने के बाद आज गुरुवार को सरकार की तरफ से केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक को राज्यसभा में पेश किया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को राज्यसभा के पटल पर रखने के बाद अब इस बिल पर वर्तमान में चर्चा चल रही है। चर्चा की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राज्यसभा के सांसदों द्वारा इस बिल पर वोटिंग की जाएगी।
वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की असल परीक्षा राज्यसभा सदन में ही मानी जा रही है। क्योंकि राज्यसभा में एनडीए गठबंधन के किसी भी दल के कुछ सांसदों का इधर-उधर होना वक्फ संशोधन विधेयक को पास कराने की राह में रोड़ा अटका सकता है। हालांकि मोदी सरकार के उत्साह को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि राज्यसभा में भी आसानी से इस विधायक को पास करा लिया जाएगा।
सरकार ने सहयोगी दलों की मांग पर वक्फ संशोधन विधेयक में किए कई बड़े बदलाव
केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 में सहयोगी दलों मांगों पर कई बड़े बदलाव किए हैं। पाठकों को बता दें कि सरकार के सहयोगी दल जदयू और टीडीपी विधेयक के समर्थन मोदी सरकार के साथ खड़े हैं। हालांकि इन दलों इस बिल को समर्थन देने से पहले सरकार के सामने कई शर्तें रखी थीं। जिन्हें सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। प्रमुख सहयोगी दल जदयू ने सरकार से अधिनियम के लागू होने से पहले मुसलमानों के धार्मिक पहचान से जुड़े स्थानों में छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की थी, सरकार ने स्वीकार कर लिया।
इसके अलावा दूसरे बड़े सहयोगी दल टीडीपी ने वक्फ संपत्ति विवाद की जांच करने के लिए कलेक्टर जगह राज्य सरकार द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिकारी को अंतिम अधिकार देने की मांग की थी। इसके अलावा टीडीपी ने जमीन से जुड़े विवाद के निपटारे के लिए अंतिम फैसले का हक राज्य सरकार को देने और वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के लिए समय देने की मांग की थी जिसे सरकार ने मान लिया है। सहयोगी दलों की मांगों को स्वीकार करने के बाद दोनों बड़े दल वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में वोट करने हेतु राजी हो गए। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आज पुराने वक्फ बोर्ड को अलविदा कहने का समय आ गया है।