हरियाणा में 41 नए सेक्टर काटेगी सरकार, जमीन का हो चुका अधिग्रहण

haryana news: मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने प्रदेश में 41 नए सेक्टर विकसित करने का निर्णय लिया है। यह सभी सेक्टर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जाएंगे। इनमें से कुछ के लिए जमीन का अधिग्रहण हो चुका है तथा कुछ के लिए जमीन ई-भूमि पोर्टल के जरिये मांगी जा रही है। इन सभी सेक्टरों में हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इन सेक्टर में अस्पताल तथा स्कूलों के लिए भी जगह होगी। इन सेक्टरों में ड्रा की बजाय ऑक्शन के जरिये प्लाट आवंटित किए जाएंगे। यानी जो अधिक बोली लगाएगा, उसे ही प्लाट दिए जाएंगे। इनमें मुख्य रुप से पंचकूला के कोट-बिल्ला तथा पिंजोर-कालका शहरी विकास योजना के तहत सेक्टर विकसित किए जाएंगे।
आफताब अहमद ने उठाया सवाल
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय नूंह और तावड़ू में सेक्टर विकसित करने की योजना बनी थी। इन दोनों शहरों 250-250 एकड़ में सेक्टर काटने के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी। इन्हांसमेंट के कारण भाजपा सरकार ने इन सेक्टरों को डी-नोटिफाई कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार के डी-नोटिफाई के फैसले को रद्द कर दिया। इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मामलों के मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि नूंह और तावड़ू में भी सेक्टर काटे जाएंगे। सरकार ने पूरे प्रदेश में 41 सेक्टर विकसित करनी योजना बनाई है। सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पंचकूला के कोट-बिल्ला में सेक्टर 14, 16 तथा 22 काटे जाएंगे। इसके अलावा पिंजौर-कालका में सेक्टर 31 विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार नूंह और तावड़ू में भी सेक्टर विकसित किए जाएंगे।
ऑक्सन के नियम पर उठाया सवाल
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का गठन इसलिए किया गया था ताकि लोगों को सस्ते मकान मिल सकें। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कानून में नॉ प्रोफिट-नो लॉस का जिक्र है, लेकिन अब सरकार इन नियमों में बदलाव कर रही है। ऑक्शन के माध्यम से प्लाट देने पर इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग वंचित हो जाएंगे। यह सभी नियमों के खिलाफ है। इसके जवाब में मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि समय-समय पर नियमों में बदलाव होता रहता है। इस समय जमीन की काफी परेशानी है। पहले जमीन आसानी से मिल जाती थी तो ड्रॉ के जरिये प्लाट दिए जाते थे, लेकिन अब जमीन नहीं मिल रही है। जहां मिलती भी है तो बहुत महंगी है। ऐसे में जमीन के दाम वापस पाने के लिए ऑक्शन के जरिये प्लाॅट दिए जाएंगे।