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11 साल बाद आतंकियों को फांसी की सजा मिलने पर शहीद की पत्नी पति की याद करते हुए रो पड़ी

दतिया,02 नवंबर(इ खबर टुडे )। 11 साल से जिस खबर को सुनने का इंतजार था, आज वो खत्म हो गया। ऐसे लोगों को फांसी की सजा भी कम है। यह कहना है 31 दिसम्बर 2007 को यूपी के रामपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप पर आंतकी हमले में शहीद दतिया के रामजीशरण मिश्रा की पत्नी प्रभा मिश्रा का। हमले के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर उन्हें मिली तो जहां उनकी चेहरे पर खुशी झलक आई तो वहीं पति की याद में आंखे आंसुओं से भर गईं।

रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आंतकी हमले में मध्यप्रदेश के दतिया जिले स्थित रिछरा फाटक निवासी रामजीशरण मिश्रा सहित छह जवान शहीद हो गए थे। शनिवार को जब रामजीशरण मिश्रा के परिजनों को यह खबर मिली कि हमला करने वाले आतंकियों को फांसी की सजा दी गई है तो उनकी पत्नी प्रभा मिश्रा बोलीं, कि यह बात सुन उन्हें अब शांति मिली है।

पिछले 11 सालों से वह इसी इंतजार में थीं कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले, हालांकि ऐसे लोगों को फांसी की सजा भी कम है। इस दौरान पति की तस्वीर की ओर निहारतीं प्रभा के चेहरे पर खुशी थी और आंखों में आंसू। उन्होंने मीडिया का भी आभार माना औेर कहा कि आप लोगों ने जो खबर मुझे सुनाई है उससे मेरे मन को ठंडक पहुंची है। प्रभा मिश्रा के दो बेटी राधिका, गंगा और बेटा 14 वर्षीय अखिल मिश्रा हैं।

मदद को लेकर सरकारों के रुख पर अफसोस
प्रभा मिश्रा ने बताया कि पति की शहादत के बाद अभी तक केवल केंद्र सरकार की ओर से ही आर्थिक मदद मिली है। तत्कालीन सांसद जयप्रदा ने स्वयं अपनी ओर से एक लाख रुपए की राशि दी थी। उस समय मध्यप्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि परिजनों को 10 एकड़ जमीन और आर्थिक सहायता दी जाएगी।

आज करीब 12 साल होने को आए लेकिन अभी तक कि सी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली। इस संबंध में उनकी ओर से दतिया में कई कलेक्टरों को भी अवगत कराया गया था लेकि न इसके बावजूद आश्वासन ही मिलता रहा।

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