MP समेत 3 राज्यों के 17000 किलोमीटर क्षेत्र में बनेगा देश का सबसे बड़ा चीता कॉरिडोर, राजस्थान के इन जिलों से गुजरेगा

India largest cheetah corridor: देश के सबसे बड़े चीता कॉरिडोर पर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बता दे की इस प्रोजेक्ट का निर्माण एक नहीं तीन राज्यों की भूमि को मिलाकर किया जायगा। इन राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश शामिल है।
राजस्थान का हिस्सा 6500 वर्ग किलोमीटर
17 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनने वाले चीता कॉरिडोर में मध्यप्रदेश का 10 हजार 500 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल किया गया है।
राजस्थान का हिस्सा 6500 वर्ग किलोमीटर रहेगा।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से जारी एक्शन प्लान के तहत भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून ने चीतों के स्वच्छंद विचरण के लिए अनुकूल आश्रय स्थल का वैज्ञानिक मापदंडों के अनुसार आकलन करने के बाद कूनो-गांधीसागर लैंडस्केप का निर्धारण किया है।
MP और UP के ये जिले है शामिल
अधिक जानकारी के लिए बता दे की देश के सबसे बड़े चीता संरक्षण क्षेत्र में मध्यप्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, अशोकनगर, मंदसौर , श्योपुर, शिवपुरी, गुना, नीमच जिले भी शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर का वन्य क्षेत्र में इस परिक्षेत्र में आएगा।
जानें इस चीता कॉरिडोर के महत्व के बारे में
1. जंगलों के बीच वन विभाग या वन्यजीव खुद अपना कॉरिडोर बनाते हैं।
2. वन्य जीवों के लिए भी एक राज्य से दूसरे राज्य में जानें के लिए रास्ता बन जाता है।
3. इस कॉरिडोर के निर्माण से वन्य जीवों के साथ साथ इंसानों को भी किसी तरह का कोई खतरा नहीं होता