हरियाणा में पटवारी और तहसीलदार ने मिलकर कर दिया गजब कारनामा

हरियाणा में हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि आजकल आप ले-देकर कुछ भी करवा सकते हो। फरीदाबाद में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। बैंक में पहले से ही गिरवी रखी जमीन की तहसीलदार और पटवारी ने दूसरे के नाम रजिस्ट्री कर दी। ऐसे में तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह एक प्रकार की धोखाधड़ी है।
जमीनों की रजिस्ट्री से संबंधित धोखाधड़ी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। पिछले दिनों बड़खल तहसील में कार्यरत तहसीलदार नेहा सारण पर करोड़ों रुपये की जमीन की नीलामी करने के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ भी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब नया मामला सेक्टर-58 थाना क्षेत्र का है। यहां पर पटवारी और गोंछी तहसीलदार ने बैंक में गिरवी रखी जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। बैंक प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक प्रबंधक ने दी शिकायत
सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की शाखा सिकरौना के वरिष्ठ प्रबंधक विजय ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि गांव भनकपुर निवासी रोशनलाल ने 2009 में बैंक से दो बार में 75 हजार रुपये का लोन लिया था। रोशनलाल ने लोन लेने के बदले अपनी कृषि योग्य जमीन बैंक में गिरवी रखी थी। बैंक को रोशनलाल ने पैसे नहीं चुकाए। बिना पैसे चुकाए रोशनलाल ने अपनी जमीन 29 मार्च को गिर्राज देवी नामक एक महिला को बेच दी। जमीन की रजिस्ट्री तब तक नहीं हो सकती, जबकि बैंक का लोन चुकता नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके बावजूद जमीन की रजिस्ट्री महिला के नाम कर दी गई।
तहसीलदार व पटवारी पर आरोप
अपनी शिकायत में बैंक मैनेजर ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में हलका पटवारी और गोंछी के तहसीलदार की मिलीभगत सामने आ रही है। तहसीलदार व पटवारी को कागजातों की जांच करनी होती है तथा इसके लिए सत्यापन करना होता है। जमीन की जो फर्द होती है, उसमें लोन ली गई राशि तथा किस बैंक से ली गई है, उसका भी जिक्र होता है, लेकिन पटवारी और तहसीलदार ने इसे अनदेखा कर दिया। रजिस्ट्री करने वाले अधिकारियों ने बैंक से नो ड्यूज भी नहीं मांगा, जोकि जरूरी होता है। इससे साफ है कि दोनों की मिलीभगत के बाद ही यह रजिस्ट्री हुई है।
शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
बैंक प्रबंधक ने बताया कि उन्होंने रोशनलाल के खिलाफ 8 नवंबर 2023 को एक शिकायत सिकरौना चौकी इंचार्ज को दी थी। इस साल से भी ज्यादा समय हो गया, लेकिन आज तक उस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है। बैंक प्रबंधकों ने उनकी राशि दिलाए जाने की मांग की है।