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Gold loan: अगर आप भी गोल्ड लोन लेने की सोच रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान, नहीं होगा किसी प्रकार का नुकसान

Gold loan: If you are also thinking of taking a gold loan, keep these points in mind to avoid any kind of loss.

Gold loan: कई बार ऐसा होता है कि हमें इमरजेंसी पैसों की जरूरत पड़ जाती है जैसे की हॉस्पिटल इमरजेंसी,बच्चों की पढ़ाई ,शादी या घर बनवाने जैसे खर्चों के लिए। परंतु गोल्ड लोन लेने से पहले आपको इसके फायदे या नुकसान के बारे में
जानकारी होना आवश्यक है। सोना एक ऐसी धातु है जिसेकी हमेशा दुनिया भर में एक अलग ही अहमियत रहती है।

सोने के आभूषण पहनने का शोंक आम महिलाओं से लेकर राजा महाराजा तक होता है, सोने की सबसे अहम भूमिका मौद्रिक प्रणाली में भी है।

आज भी किसी देश की आर्थिक ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि उसके पास कितने सोने के भंडार है। बहुत सी बार तो सरकार सोना गिरवी रखकर कर्ज भी लेती है आम लोग भी अक्सर ऐसे ही गोल्ड लोन लेते हैं।

गोल्ड लोन कैसे लिया जाता है इसे कहां से हम ले सकते हैं और गोल्ड लोन लेते समय हमें कौन सी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए, आईए जानते हैं इस आर्टिकल में।

हम किस-किस जरूरत में ले सकते हैं गोल्ड लोन

मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई शादी या घर में किसी प्रकार के अन्य खर्चो के लिए हम गोल्ड लोन ले सकते हैं। गोल्ड लोन को होम लोन या अन्य लोन की तुलना करके देखा जाए तो होम लोन को सही माना जाता है लेकिन उसमें यह रहता है कि लोन की जरूरत कुछ समय के लिए ही हो।

कई बार व्यक्ति घर या जमीन खरीदने जैसे बड़े खर्च के लिए गोल्ड लोन ले लेता है यह जोखिम भरा रहता है क्योंकि गोल्ड लोन की पेमेंट समय पर नहीं होने से गोल्ड बैंक के द्वारा बेच दिया जाता है।

बैंक से लोन ले या नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से कर्ज ले

बैंक में कम ब्याज दर पर गोल्ड लोन मिल सकता है वही नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां ब्याज ज्यादा लेती है लेकिन लोन की रकम भी ज्यादा दे देती है

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का काम ही सोने के बदले कर्ज देना होता है इसलिए वहां सोने पर करत जल्दी अप्रूव भी हो जाता है परंतु आपके कर्ज लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों में ब्याज दर पता कर लेनी आवश्यक होती है।

गोल्ड लोन लेते समय एक्स्ट्रा चार्ज पर भी ध्यान करें

गोल्ड लोन में भी दूसरे आम लोन की तरह प्रोसेसिंग फीस ली जाती है जो बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग रहती है कुछ वित्तीय संस्थान इसमें छुट भी कर देते हैं प्रोसेसिंग फीस पर जीएसटी भी लिया जाता है।

बहुत से बैंक वित्तीय संस्थान वैल्यूएशन फीस भी लेते हैं जिसकी शुरुआत ₹300 से होती है सर्विस चार्ज एसएमएस चार्ज और सिक्योर्ड कस्टडी पीस जैसे कुछ अन्य खर्च भी इसमें जोड़ दिए जाते हैं।

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