मध्य प्रदेश

MP News: मध्यप्रदेश में 21.40 लाख लोगों को रोजगार देने के खुले रास्ते, 30 लाख करोड़ का होगा निवेश

GIS SUMMIT BHOPAL: मध्य प्रदेश में निवेश को लेकर मोहन सरकार के प्रयास सार्थक होते जा रहे हैं। लगभग एक साल पहले सरकार की तरफ से निवेशकों को आकर्षिक करने के लिए योजना बनाई थी, लेकिन अब वह सिरे चढ़ गई हैं।

बीते एक वर्ष में निवेश के लिए की गई गतिविधियों के चलते प्रदेश में 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले और समझौते भी हुए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं को जल्द ही धरातल पर उतरा जाएगा और इससे मध्यप्रदेश के 21.40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) में 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले और समझौते भी हुए हैं। इन समझौते के तहत प्रदेश 17.34 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा दूसरे रोजगार के अवसर भी खुलने वाले हैं।

दो दिन चले कार्यक्रम में उद्योगपतियों का फोकस खनिज, नवकरणीय ऊर्जा, उद्योग, नगरीय विकास, पर्यटन आदि क्षेत्रों पर है। इन सेक्टर में ही सबसे अधिक लोगों ने निवेश किया हैं। अगर शहर के हिसाब से बात की जाए तो रीवा, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, शहडोल, नर्मदापुरम, उज्जैन, चंबल, सागर में ज्यादा निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योगपति अपना निवेश मध्यप्रदेश में करेंगे। यहां पर सरकार की तरफ से उनको अच्छा माहौल दिया जाएगा। यह पर भाजपा सरकार की तरफ से बेहतर विकल्प दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विरासत भी-विकास भी’ का ध्येय वाक्य दिया है।

मध्य प्रदेश काटन कैपिटल है, यहां खनिज संसाधन से लेकर सभी तरह की सुविधाएं हैं। जो विश्वास दिलाती हैं कि आप मध्य प्रदेश में आए हैं तो निवेश कीजिए। मैं आपको भारत सरकार की तरफ से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यहां पारदर्शी प्रशासन और स्थायी नीतियां मिलेंगी।

अमित शाह ने बड़े उद्योगों के लाभ बताते हुए कहा कि जब बड़े उद्योग आते हैं तो साथ में कई तरह के छोटे-छोटे उपक्रम भी शुरू होते हैं। इनके आने से निवेश और रोजगार का संतुलन बेहतर होगा। जब कोई व्यक्ति, समूह या कंपनी अपने विस्तार के बारे में विचार करता है, तो वह ऐसे राज्य की तलाश करता है जहां स्थिर और मजबूत सरकार हो, ताकि सरकारी नीतियों का पूरा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने बताया कि दो दिवसीय जीआइएस प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित हो गया और मध्यप्रदेश को विकास की नई गति देने वाला होगा। उन्होंने कहा कि यहां पर निवेश को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से 38 प्रकार की अनुमतियों को हटाकर उनको दस कर दिया हैं। ताकि निवेशकों को परेशानी नहीं हो।

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