2025 में चैत्र मास के नवरात्रे कब शुरू हो रहे हैं, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
2025 में चैत्र मास के नवरात्रे
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चैत्र मास के नवरात्रे बहुत ही शुभ माने जाते हैं । यह नवरात्रे 9 दिन तक चलते हैं। जिसमें देवी मां के भगत उपवास रखते हैं और मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के विधिवत पूजा करते हैं। चैत्र नवरात्रे हिंदुओं के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसका समापन रामनवमी के दिन होता है।
हमारे हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि चैत्र मास के नवरात्रों के दौरान सच्ची श्रद्धा भावना से सभी नियमों का पालन करते हुए पूजा करने से माता रानी की कृपा सदैव बनी रहती है।
2025 में चैत्र मास के नवरात्रे कब है।
हिंदू पंचांग के मुताबिक चैत्र मास के नवरात्रे शुक्ल पक्ष की प्रतिभा तिथि की शुरुआत 30 मार्च को 4:26 पर होंगे वही स्थिति का समापन 31 मार्च को दोपहर 12:49 पर होंगा पंचांग को देखते हुए इस साल चैत्र नवरात्रे 30 मार्च 2025 से शुरू होंगे और इसका समापन 7 अप्रैल 2025 को होगा।
चैत्र नवरात्रों की पूजा विधि।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। मंदिर की अच्छे से साफ सफाई करें और माता रानी के सामने व्रत का संकल्प ले । पारंपरिक अनुष्ठानों का पालन करते हुए सही मुहूर्त पर कलश स्थापित करें और मां की विधिवत पूजा करें। नवरात्रों का पहला दिन मां चंद्रघंटा का होता है तो उन्हें चमेली के फूल ,चावल, श्रृंगार की सामग्री , मिठाई, फल और कुमकुम चढ़ाएं
चैत्र मास के नवरात्रों में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त।
नवरात्रों के शुरू पहले दिन ही कलश की स्थापना की जाती है। जिसे बहुत शुभ और आवश्यक माना जाता है ।इस दिन कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:13 से लेकर 10:22 तक 30 मार्च को होगा । इस दौरान आप कभी भी कलश की स्थापना कर सकते हैं।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 12:01 से शुरू होकर 12:00 तक रहेगा इसमें भी आप कलश की स्थापना कर सकते हैं । कलश की स्थापना के बिना नवरात्रे पूरे नहीं माने जाते।
चैत्र नवरात्रों का क्या महत्व है।
सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रों का एक विशेष महत्व होता है । चैत्र नवरात्रे चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तिथि तक मनाए जाते हैं । इस दौरान देवी दुर्गा की विधिवत पूजा की जाती है। इन नवरात्रों में मां दुर्गा की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है । इसके साथ ही देवी मां की कृपा हमेशा अपने भक्तों पर बनी रहती है।
2025 में चैत्र नवरात्रों में मां दुर्गा का वाहन।
चैत्र मास के नवरात्रों का आरंभ 2025 में रविवार को हो रहा है यानी इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएगी । मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है ।ऐसा होने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होता है मां दुर्गा हाथी से आएगी और सोमवार 7 अप्रैल को समापन होने पर हाथी से ही प्रस्थान करेगी यह बहुत ही शुभ माना जा रहा है।