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 दान से महाकाल का पाथ - वे हीट प्रुफ हुआ, अब श्रद्धालुओं के पैरों को गर्मी से निजात मिलेगी

 
 

उज्जैन, 08 मई (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के पैरों को अब पत्थर की गर्मी से बचाया जा सकेगा। इसके लिए मंदिर प्रबंध समिति ने दान से लगभग 13 हजार वर्ग फीट में हीट प्रूफ पाथ-वे (सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट) का निर्माण किया है। मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल महालोक में दर्शन पथ पर यह हीट प्रूफ पाथ-वे नीलकंठ से पंचमुखी हनुमान, मानसरोवर से होते हुए शंख द्वार एवं बड़ा गणेश मंदिर तक किया है।

भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दान से (लगभग 13 हजार स्क्वेयर फीट में ) इस हीट प्रूफ पाथ-वे के निर्माण से तपती धूप में भी श्रद्धालुओं के पैर नहीं जलेंगे तथा वे बिना किसी असुविधा के सहजता से दर्शन पथ पर आवागमन कर सकेंगे। दर्शन हेतु प्रवेश एवं निर्गम मार्ग पर यह व्यवस्था विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होने वाली है। इससे श्रद्धालु गर्मी के बावजूद सुरक्षित एवं आरामदायक तरीके से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन के लिए नंगे पैर आवागमन कर सकेंगे। इससे प्रतिदिन भगवान के दर्शन करने आने वाले औसत डेढ लाख से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा।

सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया के अनुसार, पाथ-वे पर विशेष सोलर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की जा रही है, जो सूर्य की किरणों को परावर्तित कर देती है। इस विशेष पेंट के उपयोग से तपती धूप में भी फर्श का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सहजता से जमीन पर चल सकते हैं। पेंट के कारण तपती फर्श पर गर्माहट महसूस नहीं होती। विशेष रूप से प्रवेश और निर्गम मार्ग पर यह व्यवस्था काफी आरामदायक सिद्ध होगी। श्री फलवाडिया के अनुसार जैसे-जैसे दानदाताओं की स्थिति सामने आते जा रही है वैसे –वैसे हम उसे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में उपयोग ले रहे हैं। अभी 13 हजार वर्ग फीट पर इसे किया गया है। आगे दानदाताओं के आने पर इसे बढाया जाएगा। जिस मार्ग पर सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट की कोटिंग की जा रही है, वहां पहले मंदिर प्रशासन मेटिंग बिछा कर उसे पानी से गीला रखती थी, ताकि दर्शनार्थियों के पैर नहीं जले। नई तकनीक से मेटिंग का खर्च बचने के साथ ही पानी की भी बचत होगी।

मंदिर समिति प्रशासक प्रथम कौशिक का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आरामदायक दर्शन सुनिश्चित करना मंदिर प्रबंध समिति की प्राथमिकताओं में है। गर्मी के मौसम में अक्सर श्रद्धालुओं को गर्म पत्थरों पर चलने में काफी समस्या का सामना करना पडता है। मंदिर के प्रवेश और निर्गम मार्गों पर इस व्यवस्था से अब बच्चे, बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु बिना किसी कष्ट के सहजता से भगवान के दर्शन को आ-जा सकेंगे।