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 कनाडा में मृत उज्जैन के छात्र गुरकीरत के पार्थिव शरीर का उज्जैन में अंतिम संस्कार

 
 

उज्जैन, 03 अप्रैल (इ खबर टुडे बृजेश परमार)। 21 दिन पूर्व कनाडा में एमबीए करने गए उज्जैन के निवासी छात्र गुरूकीरत पिता गुरजीत मनोचा की मृत्यु हो गई थी। उनके शव को शुक्रवार सुबह अहमदाबाद से उज्जैन लाया गया। इस दौरान गुरकीरत की मां रीतू मनोचा को जानकारी लगने पर वे एंबूलेंस ड्रायवर के पास पहुंची और हाथ जोडकर रूंधे गले से बोली – धन्यवाद आपका जो पुत्र गुरकीरत के अंतिम दर्शन करवाए। इस दृश्य को देख रही उनके साथ की महिलाओं के साथ वहां खडे पुरूष भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

14 मार्च को गुरूकीरत की कनाडा के Fort St. John, British Columbia में जघन्य हत्या कर दी गई थी। सवा साल पहले गुरूकीरत उज्जैन से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करने फोर्ट सेंट जॉन, ब्रिटिश कोलंबिया नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज गए थे। वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट-डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। इसके बाद से उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया की जा रही थी।

एंबूलेंस से लाया गया उज्जैन
गुरूवार रात को छात्र गुरकीरत का शव अहमदाबाद एयरपोर्ट  लाया गया था। वहां आवश्यक कस्टम क्लियरेंस एवं दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत पार्थिव शरीर परिजनों को सुपुर्द किया गया। अहमदाबाद की एक संस्था की एंबूलेंस से पार्थिव शरीर को शुक्रवार सुबह उज्जैन पार्श्वनाथ कालोनी देवास रोड लाया गया। एंबूलेंस का चार्ज रूपए 25 हजार रेडक्रास सोसायटी से कलेक्टर रोशनसिंह के आदेश पर भूगतान किया गया।

एंबूलेंस चालक के आंसू छलक पडे
गुरूकीरत के पार्थिव शरीर को लाने की जानकारी मिलते ही मां रीतू कौर मनौचा विचलित होकर घर के द्वितीय तल से नीचे आई और एंबूलेंस चालक के पास जाकर रूंघे गले से हाथ जोडकर बोली धन्यवाद आपका जो  पुत्र गुरकीरत के अंतिम दर्शन करवाए। इस स्थिति के दौरान रोज इस तरह के काम अंजाम देने वाला गुजरात निवासी ड्रायवर भी भावुक हो गया और अपने आंसू नहीं रोक सका। इस दौरान वहां उपस्थित अन्य महिलाएं एवं पुरूष भी भावुक हो गए।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि दी 
अंतिम यात्रा से पूर्व गुरूकीरत के पार्थिव शरीर को घर के नीचे बनाएं गए स्थान पर रखा गया था । यहीं पर आकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने पहुंचकर गुरूकीरत के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने मृतक के पिता गुरजीत मनौचा एवं मां रीतू कौर को ढांढस बंधाया।

रास्ते भर अनेक समाज ने दी पुष्पांजलि
मनौचा परिवार के किराए के मकान के नीचे से ही शव यात्रा निकाली गई जो देवासरोड होते हुए अंतिम यात्रा संजीवनी हॉस्पिटल चौराहा, सुख सागर गुरुद्वारा साहिब (फ्रीगंज) में अरदास, टावर चौक, चामुंडा माता मंदिर, आगर रोड, मंगलनाथ मार्ग, पीपलीनाका रोड होते हुए चक्रतीर्थ श्मशान घाट पहुंची। इस दौरान रास्तेभर अनेक समाज एवं संगठनों ने अपनी पुष्पांजलि अर्पित की। श्री सुखसागर साहब गुरूद्वारा पहुंची यहां दर्शन और अरदास किया गया। घंटाघर पर सिंधी समाज ने बडी संख्या में पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके उपरांत शव यात्रा चक्रतीर्थ श्मसान पहुंची । चक्रतीर्थ पर विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया। इसके उपरांत चक्रतीर्थ पर शोक सभा में  शव यात्रा में शामिल सिख समाज के वरिष्ठ,कनिष्ठ समाजजनों के साथ शहर के प्रतिष्ठित नागरिक,राजनेता सहित समाज सेवियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।