श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए शनिवार अपरांह् से पुलिस एवं प्रशासन तैनात
उज्जैन,13फरवरी(इ खबर टुडे /ब्रजेश परमार)। महाशिवरात्रि पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर शनिवार अपरांह् से ही पुलिस एवं प्रशासनिक तैनाती कर दी गई है। पर्व पर मंदिर में भगवान के दर्शन श्रद्धालुओं को मात्र 30-40 मिनिट में होने की व्यवस्था जुटाई गई है। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशनकुमार सिंह के अनुसार वीआईपी दर्शन में इससे ज्यादा समय लग सकता है।
रविवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के तहत पिछले 9 दिनों से उत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन भगवान का विशेष श्रृंगार संध्या आरती से पूर्व किया जा रहा है। मनोहारी एवं आकर्षक श्रृंगार देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो रहे हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को भगवान का विशेष पूजन अर्चन होगा। रात्रि में चार प्रहर की पूजा होगी। इसके उपरांत भगवान का सेहरा दर्शन होगा। सोमवार को भगवान की मध्यकाल दोपहर में वर्ष में एक बार होने वाली भस्मार्ती होगी।
हमारा लक्ष्य 30-40 मिनिट में दर्शन- कलेक्टर
महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशनकुमारसिंह ने बताया कि हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को 30-40 मिनिट में दर्शन करवाने का तय किया गया है। इसके अनुसार हमने तैयारी की है। मंदिर परिसर में आने के उपरांत श्रद्धालुओं को इस समयावधि में दर्शन करवाना ही हमारा लक्ष्य है। इस बार हम टू व्हीलर पार्किंग करने वालों का समय बचत करने के लिए उन्हें जूता बैग देंगे। जो अपने वाहन पर ही उसे टांग सकेंगे। उससे जूता स्टैंड तक जाने और वापसी में स्टैंड ढूंढने जैसी समस्या से उन्हें छुटकारा देने वाला है। इसके अलावा मोबाईल बेग भी देंगे। गर्मी को देखते हुए पूरे परिसर में कतार के उपर छांव की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की गई है। जमीन के गर्म होने की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के पैरों की सुरक्षा के लिए रेड कारपेट लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की स्थिति की सहायता के लिए लाईफ सपोर्टिंग एंबूलेंस जगह जगह तैनात की गई है। प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर मेडिकल काउंटर खोले गए हैं। कतार में श्रद्धालु को जरा सी परेशानी होने पर तत्काल ही उसे मेडिकल रिलिफ मिल सके ऐसी तैयारी है। बकौल श्री सिंह शुक्रवार को देर रात में तीन घंटे व्यवस्थाओं के सुदृढीकरण के लिए स्थल पर ही निर्णय लिए गए। शनिवार को भी दिन में दो बार एवं शाम को पून: श्रद्धालुओं की दर्शन को लेकर स्टैंडिंग मिटिंग करते हुए व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया है।
नवम दिवस श्री शिव तांडव स्वरूप मे दर्शन
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार फाल्गुन कृष्ण द्वादशी तिथि प्रदोष पर्व पर भगवान श्री महाकालेश्वर जी ने श्री शिवतांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए । शिव नवरात्रि के नवम दिवस संध्या पूजन के पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर जी ने श्री शिवतांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिये। इसके पूर्व प्रातः आचार्य व मुख्य पुजारी श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राम्हणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया तथा सायं पूजन के पश्चात बाबा श्री महाकाल को नवीन वस्त्र धारण करवाये गये। इसके अतिरिक्त मेखला, दुपट्टा, कटरा, मुकुट, छत्र, मुण्डमाला, नागकुंडल एवं फलों की माला आदि धारण कराई गई।
निरंतर 44 घंटे खुला रहेगा मंदिर
बारह ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ही शिव नवरात्रि उत्सव पूर्वक मनाई जाती है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि का यह उत्सव फाल्गुन कृष्ण पंचमी 06 फरवरी से निरंतर है , श्री महाशिवरात्रि महापर्व के अगले दिन तक चलेगा।
इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान के पट दर्शन हेतु लगभग 44 घंटे दर्शन के लिए निरंतर खुले रहेगे।
पूजा में यह रहेगा विधान
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पूजन विधान शनिवार –रविवार दरमियानी रात्रि से महाशिवरात्रि महापर्व पर भस्मार्ती हेतु श्री महाकालेश्वर भगवान जी के मंगल पट प्रात: 02:30 बजे खुलेगे। भस्मारती उपरांत 07:30 से 08:15 दद्योदक आरती, 10:30 से 11:15 तक भोग आरती के पश्चात दोपहर 12:00 बजे से उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न होगा। सायं 04:00 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती की जावेगी ।रात्रि में 08:00 बजे से 10:00 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरान्त आरती की जायेगी।
रात 10.30 से महापूजन
15 फरवरी 2026 की रात्रि 10:30 बजे से सम्पूर्ण रात्रि भगवान श्री महाकालेश्वर जी का महाअभिषेक पूजन चलेगा। जिसमे एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ व विभिन्न मंत्रो के माध्यम से 11 ब्राह्मणों द्वारा देवादिदेव भगवान श्री महाकालेश्वर जी का अभिषेक किया जायेगा । उसके पश्यात भस्म लेपन, विभिन्न प्रकार के पांच फलों के रसो से अभिषेक, पंचामृत पूजन जिसमें दूध, दही, घी, शहद, खांडसारी शक्कर, गंगाजल, गुलाब जल, भाँग आदि के साथ केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जायेगा। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी 2025 रविवार अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराये जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जायेगा जिसके उपरांत भगवान श्री महाकालेश्वर जी को सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा जिसमे चावल, खडा मूग, तिल, गेहू, जौ, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेगे ।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियो द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा । भगवान श्री महाकालेश्वर जी को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जायेगा । श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जायेगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किये जायेगे। 16 फरवरी 2026 को प्रातः सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी । भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जायेगा । 16 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होगे । 18 फरवरी 2026 बुधवार को वर्ष में एक बार एक साथ होने वाले पंचमुखारविन्द (पाँच स्वरूप एक साथ) के दर्शन के साथ महाशिवरात्रि पर्व का समापन हुआ।

