अब श्री महाकालेश्वर में भस्मार्ती की तरह सांध्य एवं शयन आरती भी आनलाईन बुकिंग से होगी
उज्जैन,19 फरवरी (इ खबर टुडे / ब्रजेश परमार)। श्री महाकालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालु अब भस्मार्ती की तरह अन्य संध्या आरती एवं शयन आरती भी आनलाईन बुकिंग से कर सकेंगे। गुरूवार को संध्या आरती की आनलाईन बुकिंग की शुरूआत मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने करते हुए इस व्यवस्था की शुरूआत की है। गुरूवार को संध्या आरती में बुकिंग कर आने वाले श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं तो सामान्य श्रद्धालुओं ने भी इस दौरान भगवान के दर्शन किए हैं। आरती के दौरान किसी को रोका नहीं गया।
मंदिर प्रबंध समिति ने दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250/- (शीघ्र दर्शन के समान) शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व (प्रथम आओ, प्रथम पाओ) के आधार पर की जाएगी।महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संध्या आरती एवं शयन आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है।
ये रहेगी बुकिंग,दर्शन व्यवस्था
अब श्रद्धालु दोनों आरतियों के लिए केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग कर सकेंगे। मंदिर प्रबंध समिति की वेबसाईट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/� रहेगी।
पर संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगी।शयन आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रारंभ होगी। दोनों आरतियों हेतु प्रवेश द्वार क्रमांक 1 निर्धारित किया गया है। संध्या आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय सायं 6:00 बजे रहेगा। शयन आरती के लिए प्रवेश का अंतिम समय रात्रि 10:00 बजे रहेगा।दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान चलित दर्शन की प्रक्रिया भी संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित रूप से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें।
प्रशासक ने देखी व्यवस्था
मंदिर समिति का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु सुगमता से आरती एवं दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें। प्रक्रिया की शुरूआत के साथ प्रशासक ने आरती स्थल, प्रवेश मार्ग, काउंटर व्यवस्था, तकनीकी नियंत्रण कक्ष तथा पोर्टल संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, सुगम एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ रहे। पोर्टल प्रारंभ होते ही प्रशासक प्रथम कौशिक ने प्रथम संध्या आरती की ऑनलाइन बुकिंग भी की गई।
घर बैठे श्रद्धालु बुक कर सकेंगे
यह व्यवस्था डिजिटलाइजेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे श्रद्धालु घर बैठे आरती बुक कर सकेंगे तथा मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा। प्रशासक ने श्रद्धालुओं से विशेष रूप से अनुरोध किया कि वे किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अनधिकृत व्यक्तियों अथवा अन्य अनधिकृत माध्यमों से बुकिंग न करें। मंदिर द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी को भी अतिरिक्त राशि प्रदान न करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अवैध वसूली से सावधान रहें। आरती बुकिंग की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन एवं पारदर्शी है तथा किसी भी अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता नहीं है।
काशी बना रोल माडल
इधर सामने आ रहा है कि आरती दर्शन के लिए काशी में प्रति श्रद्धालू रूपए 300 लिए जाते हैं और आरती में बैठकर दर्शन की सुविधा मिलती है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मार्ती अनुमति में सख्ती की स्थिति बनने के बाद से श्रद्धालुओं से अन्य आरती दर्शन करवाने को लेकर लेनदेन की जानकारी बराबर सामने आ रही थी। इसमें चलते मंदिर समिति ने सीधे तौर पर इसे नियमों के तहत ही लागू कर श्रद्धालुओं को न्यूनतम शीघ्र दर्शन शुल्क में ही लागू कर दिया।
लुकछुप कर नहीं बुकिंग कर दर्शन करें
वर्तमान में संध्या आरती एवं शयन आरती के लिए कई श्रद्धालु प्रयास करते थे,लेकिन इस दौरान श्रद्धालुओं को चलायमान ही दर्शनों के लिए रखा जाता था। ऐसे में कई श्रद्धालु रूक कर दर्शन की इच्छा को पुरा करने के लिए बैरिकेड्स में इधर –उधर होकर एवं लुकछुप कर या फिर जैक लगाकर दर्शन करते थे। इस दौरान मंदिर के गार्ड श्रद्धालुओं को आगे चलाते थे और ऐसे में विवाद की स्थिति भी बनती थी। इसे लेकर मंदिर समिति ने सीधे तौर पर वैधानिक मान्यता देते हुए श्रद्धालुओं को बुकिंग की सुविधा प्रदान की है।

