चलित ट्रेन में चोरी करने वाला आदतन अपराधी जीआरपी की गिरफ्त में, 41 हजार के दो मोबाइल बरामद
उज्जैन, 27 सितंबर(इ खबर टुडे)। जीआरपी और आरपीएफ उज्जैन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन पर चोरी करने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी के दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 41,000 रुपये बताई जा रही है। पकड़ा गया आरोपी पूर्व में भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गत 27 जुलाई 2026 को को रतलाम निवासी फरियादी कन्हैयालाल का वीवो कंपनी का मोबाइल फोन (कीमत ₹16,499) उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर बुकिंग विंडो के पास से चोरी हो गया था। फरियादी की शिकायत पर जीआरपी थाना उज्जैन में अपराध क्रमांक 391/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से पकड़ा गया आरोपी
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व तथा मक्सी आरपीएफ प्रभारी नरेंद्र यादव के समन्वय से एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, पुराने अपराधियों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने उज्जैन रेलवे स्टेशन के नागदा साइड आउटर से संदेही लखन सिंह पिता किशोर सिंह सिसोदिया (उम्र 30 वर्ष, निवासी 17/3 विराट नगर, थाना चिमनगंज मंडी, उज्जैन) को हिरासत में लिया।
चोरी के दो मोबाइल जब्त, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
सख्ती से पूछताछ और तलाशी लेने पर आरोपी के पास से वनप्लस और वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इन मोबाइलों का मिलान करने पर वे जीआरपी उज्जैन के अप. क्र. 68/2026 धारा 305(सी) बीएनएस एवं अप. क्र. 391/2026 धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने दोनों फोन जब्त कर लिए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लखन सिसोदिया का पूर्व में भी मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 129 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
सराहनीय टीम
इस कार्रवाई में जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, आरपीएफ प्रभारी नरेंद्र यादव, प्रधान आरक्षक राजेश मरमट, प्रधान आरक्षक दशरथ मेहरा, आरक्षक जनक भदौरिया एवं आरक्षक रवि बघेल की विशेष भूमिका रही।

