वन विभाग ने 2 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 1820 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया
उज्जैन,4 नवंबर(इ खबर टुडे)। मध्यप्रदेश में लगातार दुसरे वर्ष शाजापुर एवं उज्जैन जिले में चलाए गए एंटीलोप्प रेस्क्यू एवं स्थानांतरण अभियान सफल रहा है। अभियान में 2 हजार वन्यजीवों के स्थानांतरण के लक्ष्य के विरूद्ध 1820 को कृषि क्षेत्रों से हटाकर वन्य क्षेत्रों में भेजा गया है। अभियान में उज्जैन तहसील के अंतर्गत चिंताजनक स्थिति यह सामने आई है कि अब तक नीलगाय से जुझ रहे किसानों को आगे कृष्णमृगों की संख्या बढने पर उनसे भी परेशानी हो सकती है। दोनों जिलों के चुनिंदा क्षेत्र में चले पूरे अभियान में एक भी वन्यजीव की मृत्यु नहीं है।
बुधवार को अभियान के अंतिम दिन उज्जैन में बोमा स्थल पर मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा ने पहुंचकर अभियान में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विशेषज्ञों एवं सहयोगियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने पूरी टीम के समर्पण, समन्वय एवं प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कुल 1820 वन्यजीवों का रेस्क्यू
बुधवार को उज्जैन जिले के ग्राम पिपल्याबीछा में 81 नीलगायों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इसके साथ ही इस वर्ष प्रदेश में अभियान के अंतर्गत कुल 1,820 वन्यजीवों का रेस्क्यू कर सुरक्षित रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है। इनमें 1,507 कृष्णमृग (ब्लैकबक) एवं 313 नीलगाय शामिल हैं। अभियान के प्रथम चरण में 10 से 30 अक्टूबर तक शाजापुर में 1500 कृष्णमृग एवं 94 नीलगाय रेस्क्यू किया गया। उज्जैन जिले में 226 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया गया।
क्षेत्र विशेष में 9 कृष्णमृग
अभियान के दुसरे चरण में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चार दिवसीय अभियान उज्जैन जिला मुख्यालय के ग्रामीण क्षेत्र में चलाया गया जो बुधवार तक जारी रहा । उज्जैन के ग्रामीण क्षेत्र में 9 कृष्णमृग रेस्क्यू किए गए हैं। ऐसे में यह संख्या धीरे-धीरे बढने की स्थिति बन रही है। जिले के तराना,बडनगर,घट्टिया ,महिदपुर क्षेत्र में यह संख्या और अधिक हो सकती है। तराना के माकडौन में कृष्ण मृग,जंगली सुअर सहित नीलगायों की संख्या खासी है। इसमें से कुछ क्षेत्र आगर जिले से और कुछ क्षेत्र शाजापुर जिले से लगा हुआ है।

