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 उज्जैन : होटल श्री गंगा के वेस्ट चेंबर में सफाई के लिए उतरे 4 युवकों की दर्दनाक मौत,होटल सील

 मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दी 4 -4  लाख रु.की राहत राशि 
 

 

उज्जैन,1 नवम्बर(इ खबर टुडे)। देवास रोड स्थित होटल श्री गंगा में शनिवार देर रात 4 युवकों की जिंदगी वेस्ट चेंबर में समा गई। घटना काफी दर्दनाक थी। चेंबर की गंदगी से बाहर निकाले गए युवकों को सीपीआर देकर सांस लौटने का प्रयास किया गया लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।पुलिस एवं प्रशासन ने होटल सील कर दिया है। एफएसएल ने जांच कर सेंपल एकत्रित कर लेब भेजें है। मृतकों को पीएम करवाने के बाद पुलिस ने उनके शव परिजनों को सौंपे हैं जिनका अंतिम संस्कार किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की है। राज्य शासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा की है। होटल मालिक ने भी मदद का आश्वासन दिया है।

देवास रोड पर होटल श्री गंगा में रात को वेस्ट चैंबर की सफाई के लिए बाहरी कर्मचारियों को बुलाया गया था। होटल का सुपरवाइजर और कुछ कर्मचारी भी चेंबर की सफाई के लिए मौजूद थे। उपरी मंजिल से चेंबर में बाल्टी भरकर पानी डाला जा रहा था इस दौरान एक युवक संतुलन बिगड़ने से चेंबर में जा गिरा उसे बचाने के लिए तीन युवक और उतारे लेकिन वह भी चेंबर की गंदगी में फंस गए । उनकी मदद के लिए एक युवक और उतरा लेकिन वह भी घबराहट के कारण बाहर निकल आया। चार युवकों के चेंबर में गिरने की खबर से अफरा तफरी मच गई।जानकारी लगने पर माधव नगर पुलिस भी बचाव के लिए होटल पहुंची। चेंबर को तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन लोहे की मोटी परत होने पर उसे काटने के लिए पुलिस द्वारा आसपास चल रहे निर्माण कार्यों से कटर मशीन मंगाई गई। चेंबर को काटने में कटर के 8 पत्ते लग गए। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाल गया लेकिन तब तक उनकी सांसे थम गई थी। थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने अपनी टीम के साथ सीपीआर देकर उनकी सांसे लौटाने का प्रयास किया लेकिन चारों की सांस नहीं लौटी। चरक अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने भी मृत घोषित कर दिया। मृतक युवकों में होटल का सुपरवाइजर मनोज पिता तेजमल मीणा 25 वर्ष निवासी झालावाड़ राजस्थान, सफाई कर्मी वाहिद पिता सागर 35 वर्ष निवासी पीर का टेकरा जांसापुरा मूल निवासी सुसनेर, कमलेश पिता सोहनलाल 30 वर्ष और नितिन पिता ताराचंद 22 वर्ष निवासी वाल्मीकि नगर के रूप में पुलिस ने पुष्टि की है। थाना प्रभारी गजेन्द्र पचौरिया ने बताया कि रात में हुई घटना के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर चारों मृतकों के परिजन और रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई थी पुलिस बल की मौजूदगी में सबसे पहले मनोज मीणा का पोस्टमार्टम कराया गया जिसे भाई झालावाड़ राजस्थान लेकर गया है। दूसरा पोस्टमार्टम वाहिद का किया गया उसके बाद दो अन्य युवकों के पोस्टमार्टम कराए गए। इस दौरान परिजनों ने आर्थिक सहायता को लेकर विरोध दर्ज करवाया था। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें समझाइश दी गई। गृह नगर में हुए हादसे की खबर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लगी तो उन्होंने प्रदेश शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। होटल प्रबंधन द्वारा भी पांच-पांच लाख की मदद का आश्वासन दिया गया है।

रात में 11.45 बजे के लगभग खबर सामने आते ही एसपी प्रदीप शर्मा कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसडीएम लक्ष्मीनारायण गर्ग, सीएसपी दीपिका शिंदे और अन्य अधिकारी होटल श्रीगंगा पहुंच गए थे। चेंबर की दिवार को काटने के लिए कटर मंगवाया गया और फिर पुलिस कर्मचारियों के साथ इसे अंजाम दिया गया। यहां सुरक्षा संसाधनों की कमी भी देखी गई । करीब डेढ़ घंटे चले रेस्क्यू अभियान के दौरान एसपी के निर्देश पर चेंबर में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए नेतृत्व करते रहे। चारों को बाहर निकालने के बाद एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। एसपी प्रदीप शर्मा ने मिडिया के समक्ष कहा कि संभवत: स्लग एवं गैसेस की वजह से ये घटना हुई। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मिडिया के समक्ष कहा कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई है। साफ सफाई कराने की वजह क्या रही है। साफ-सफाई के समय को लेकर भी इन सब बातों की जानकारी ली जा रही है।

रविवार को माधवनगर थाना पुलिस ने फारेंसिक जांच के लिए टीम को बुलाया था। जिला एफएसएल अधिकारी शकुंतला गवली के अनुसार स्थल जांच कर वहां से सेंपल कलेक्शन किए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लेब में भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही पुष्टि हो सकेंगी की घटना के पीछे कारण क्या रहा है। इस बीच पुलिस एवं प्रशासन ने रविवार को होटल सील कर दिया। होटल श्री गंगा के शहर में 4 आउटलेट भी बंद रहे हैं।