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 संघर्षों से सफलता का शिखर: मुख्यमंत्री से सम्मानित लेखिका नयना ननवानी को मिला 'आत्मनिर्भर नारी शक्ति अवॉर्ड – 2026'

 
 

रतलाम,09 मार्च (इ खबर टुडे)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर गुजरात की राजधानी में नारी शक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। इस खास मौके पर ह्यूमन केयर फाउंडेशन (Human Care Foundation) द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में शहर की प्रसिद्ध सिंधी लेखिका और शिक्षाविद् नयना मनीष ननवानी को “आत्मनिर्भर नारी शक्ति अवॉर्ड – 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए दिया गया है।

मुख्यमंत्री के हाथों मिल चुका है 'श्रेष्ठ लेखिका' का गौरव

नयना ननवानी की साहित्यिक यात्रा संघर्ष और समर्पण की एक मिसाल है। रतलाम के  एक सिंधी परिवार की गृहिणी के रूप में घर-परिवार की तमाम जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने अपनी लेखनी को जीवित रखा। उनके इसी जुनून के फलस्वरूप वर्ष 2019 में गुजरात साहित्य अकादमी द्वारा उन्हें 'श्रेष्ठ सिंधी लेखिका' के रूप में चुना गया था।

उस समय गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने नयना जी को 50,000 रु  की प्रोत्साहन राशि और शॉल भेंट कर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया था। उनकी लेखनी सिंधी, हिंदी और गुजराती तीनों भाषाओं में समाज को नई दिशा दे रही है।

शिक्षा जगत में भी लहराया परचम

साहित्य के साथ-साथ नयना जी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्तमान में नोबल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट, डभोई की कैंपस डायरेक्टर के रूप में उनके समर्पित कार्यों और सामाजिक विकास में उनके योगदान को देखते हुए ही उन्हें 'आत्मनिर्भर नारी शक्ति अवॉर्ड' के लिए चुना गया।

दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन

अहमदाबाद के गोवर्धन स्मृति भवन (गुजराती साहित्य परिषद) में आयोजित इस समारोह का नेतृत्व डॉ. कुमार जैमिनी शास्त्री के मार्गदर्शन में फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. उन्नतिबेन शाह ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रकाशभाई मकवाणा (IAS) और विशिष्ट अतिथि के रूप में येशा सोलंकी (Assistant Commissioner, GST), पद्मश्री विष्णुभाई पंड्या (वरिष्ठ पत्रकार), रमेश चौहान (IRS) तथा प्रो. वैशालीबेन धोलकिया उपस्थित रहे।

'पहिंजो चवा'  की बढ़ती लोकप्रियता

समारोह के दौरान नयना जी की दूसरी पुस्तक 'पहिंजो चवा' की भी काफी चर्चा हुई। नयना जी का मानना है कि, "यदि दिल में जुनून हो, तो एक महिला घर और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाकर आसमान छू सकती है।" उपस्थित अतिथियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि नयना जी का सफर समाज की हर उस महिला के लिए प्रेरणा है जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को सच करना चाहती है।