रतलाम में इंदु सिन्हा के दो कहानी संग्रहों का विमोचन, साहित्यकारों ने की सराहना
रतलाम, 08 सितंबर(इ खबर टुडे)। सुरसंगम साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रतलाम की कहानीकार इंदु सिन्हा 'इंदु' के दो नए कहानी संग्रहों, "डिजिटल युग का डोकरा" और "उन दिनों प्रेम", का विमोचन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजन से हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि व साहित्यकार डॉ. रमेश चांगेसिया 'प्रभात' ने कहा कि इंदु सिन्हा की कहानियां समाज की विद्रूपताओं, बढ़ते सामाजिक अपराधों और युवा पीढ़ी के गिरते संस्कारों पर तीखा प्रहार करती हैं। ये रचनाएं मानवीय मूल्यों को सहेजने और आदर्श समाज के निर्माण का संदेश देती हैं।
साहित्यकारों ने रखे विचार
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. रतन चौहान ने कहा कहानियों के माध्यम से टूटते रिश्तों और प्रेम की आधुनिक परिस्थितियों पर प्रश्न उठाए गए हैं, जो कथाकार की सामाजिक प्रतिबद्धता और प्रतिरोध को दर्शाते हैं। विशेष अतिथि आशीष दशोत्तर ने कहा साहित्य कोई सौंदर्य प्रसाधन नहीं है; यह आम आदमी के दर्द को उजागर कर समाज की दशा और दिशा तय करता है। शिक्षाविद वीणा छाजेड़ ने कहा उन्होंने दोनों पुस्तकों की विषय-वस्तु और लेखन शैली पर अपने विचार रखे।
कहानी पाठ व परिचर्चा
विमोचन के उपरांत कहानीकार इंदु सिन्हा ने अपनी बहुचर्चित कहानी 'डिजिटल युग का डोकरा' का पाठ किया। तत्पश्चात जुझारसिंह भाटी, रमेश मनोहरा, योगिता राजपुरोहित, प्रकाश हेमावत और शशि गोयल ने पुस्तकों की साहित्यिक समीक्षा की।
आयोजन और सम्मान
कार्यक्रम में स्वागत भाषण वैदेही कोठारी ने दिया, जबकि अतिथियों का स्वागत आर.एस. गोयल, सपना हेमनानी, नरेंद्र सिंह पँवार, संजय परसाई 'सरल', रणजीत सिंह राठौर, यशपाल सिंह तंवर, विनोद झालानी, श्यामसुंदर भाटी एवं खुशबू जांगलवा द्वारा किया गया।
विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं ने इंदु सिन्हा को शॉल, श्रीफल और पुष्पहार से सम्मानित किया। लायंस क्लब समर्पण की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन सरिता दशोत्तर ने किया तथा आभार प्रदर्शन लायंस समर्पण की अध्यक्ष नीलिमा छबि ने व्यक्त किया। इस अवसर पर शहर के अनेक साहित्यप्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

