के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार 2025: रतलाम के दो पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित, कानून व्यवस्था और साइबर इन्वेस्टिगेशन में निभाई उत्कृष्ट भूमिका
रतलाम,02 अक्टूबर (इ खबर टुडे)। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा वर्ष 2024-25 के प्रतिष्ठित 'के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार' की घोषणा कर दी गई है। प्रदेशभर से चयनित 33 उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची में रतलाम जिले के दो जांबाज पुलिसकर्मियों ने अपनी जगह बनाई है। उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट श्रेणी तथा सायबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मिला यह सम्मान पूरे रतलाम पुलिस परिवार के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।
जावरा में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर SI रघुवीर जोशी को मिलेगा 'अति विशिष्ट' सम्मान
थाना जावरा में पदस्थ उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और सूझबूझ के लिए अति विशिष्ट श्रेणी में 12 बोर गन एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024 में जावरा शहर के शंकर मंदिर परिसर में गोवंश का सिर मिलने के बाद अचानक तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई थी। परिस्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआई रघुवीर जोशी ने तत्काल प्रभाव से मोर्चा संभाला और कुशल पुलिस प्रबंधन का परिचय दिया। बिना किसी अप्रिय घटना के स्थिति को पूर्णतः नियंत्रित कर शांति व कानून-व्यवस्था कायम रखने में उनकी मुख्य भूमिका रही।
25 साल की सेवा, 423 पुरस्कार साइबर एक्सपर्ट हेड कॉन्स्टेबल मनमोहन शर्मा को 'विशिष्ट' सम्मान
साइबर सेल रतलाम में कार्यरत प्रधान आरक्षक (क्र. 725) मनमोहन शर्मा को उनकी तकनीकी दक्षता के लिए विशिष्ट श्रेणी में 50,000 की नकद राशि एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। 25 वर्षों के सेवाकाल में मनमोहन शर्मा को 423 बार प्रशस्ति व नकद पुरस्कार (कुल 1,71,440/-) मिल चुके हैं। तकनीकी विश्लेषण और ओपन सोर्स तकनीक के माध्यम से उन्होंने कई उलझे हुए मामलों को सुलझाया है:
अंधे कत्ल व सनसनीखेज अपराधों का खुलासा
कालूखेड़ा थाने में 10 माह की मासूम के अपहरण और हत्या के आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार करवाकर शव बरामद कराया। रिंगनोद थाने में फोरलेन पर मिली अज्ञात युवती की अंधी हत्या का तकनीकी साक्ष्यों से पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेजा।
औद्योगिक क्षेत्र व रावटी थाने में माही नदी में मिले महिला के शवों के मामलों में तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हत्यारों को दबोचा। डीडी नगर थाने में 65 लाख की बड़ी चोरी का महज 24 घंटे में खुलासा कर नौकर समेत 3 आरोपियों को पकड़ा। आलोट थाने में मेटा ट्रेड्स ऐप से हुई 7.11 लाख की ऑनलाइन ठगी में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कराया।
एमडी ड्रग्स नेटवर्क और साइबर क्राइम पर प्रहार
जिले में एमडी ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियान में महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग देकर 26 प्रकरणों में 73 आरोपियों की गिरफ्तारी और 4.10 करोड़ मूल्य की 4.262 किग्रा MDMA की जब्ती कराने में अहम योगदान दिया।
मासूमों की सुरक्षित वापसी व 'ऑपरेशन मुस्कान'
जावरा से चोरी हुए दो मासूम बच्चों को ओपन सोर्स तकनीक की मदद से 24 घंटे में ढूंढ निकाला। इसके अलावा 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत जिले की 158 गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को परिजनों से मिलाने में तकनीकी भूमिका निभाई।

