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रतलाम मंडल का ऐतिहासिक कीर्तिमान: टिकट चेकिंग से पहली बार 26 करोड़ के पार पहुंचा राजस्व

 
 

रतलाम, 03अप्रैल(इ खबर टुडे)। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने वित्त वर्ष 2025–26 में टिकट चेकिंग के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 26.22 करोड़ रुपये का रेल राजस्व अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि गत वर्ष की तुलना में 28% अधिक है तथा निर्धारित लक्ष्य 22.59 करोड़ रुपये से 16.08% अधिक है।

इसी अवधि में मंडल द्वारा कुल 4.12 लाख अनियमित यात्रियों को पकड़ा गया, जो पिछले वर्ष के 3.27 लाख की तुलना में 26.18% अधिक है एवं निर्धारित लक्ष्य से लगभग 10% अधिक है।

मंडल रेल प्रबंधक रतलाम श्री अश्वनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हिना केवलरामानी के कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व में रतलाम मंडल के इतिहास में पहली बार टिकट चेकिंग से 26 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया गया है। इस उपलब्धि में मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री राजेश मथुरिया एवं मुख्य वाणिज्य निरीक्षक श्री मिक्की सक्सेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्हें इस वित्त वर्ष के दौरान टिकट चेकिंग की योजना एवं सतत मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने इस सफलता का श्रेय मंडल के जमीनी स्तर पर कार्यरत समर्पित एवं कर्मठ टिकट चेकिंग स्टाफ को दिया, जिन्होंने योजनाबद्ध तरीके से सभी निर्देशों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान टिकट चेकिंग के क्षेत्र में प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

रतलाम मंडल भारतीय रेलवे का पहला मंडल बना, जहां सभी लॉबी पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई।

ट्रेन संख्या 22944 में फर्जी स्टूडेंट रियायती कन्सेशन पर यात्रा कर रहे एक समूह को पकड़ा गया, जिससे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

ट्रेन संख्या 09085 के कोच B/5, B/6 एवं B/7 से उतरे यात्रियों की जांच में 35 अनियमित यात्री पाए गए, जिनसे ₹1.23 लाख का जुर्माना वसूल किया गया।

मंडल में पहली बार पांच मुख्यालयों में स्थित टी.टी. रनिंग रूम के रखरखाव के कार्यों को समेकित कर एक ही टेंडर के माध्यम से आवंटित किया गया।

विशेष एंटी-लिटरिंग अभियान चलाकर यात्रियों को स्टेशन परिसर एवं ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया गया, जिसकी सराहना रेलवे बोर्ड स्तर तक की गई।

ड्यूटी के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा कई नाबालिग बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने एवं यात्रियों के खोए हुए सामान को लौटाने जैसे सराहनीय कार्य भी किए गए।

रतलाम मंडल की यह उपलब्धि न केवल राजस्व वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यात्री सेवा, पारदर्शिता एवं अनुशासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।