रतलाम: जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या करने वाले तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास
रतलाम,24अगस्त (इ खबर टुडे)। रतलाम जिले के थाना बिलपांक अंतर्गत इमलीपाड़ा (पलाश) में उकेड़े पर पत्थर जमाने की बात को लेकर हुई पत्थरबाजी में एक बुजुर्ग की हत्या करने वाले तीन सगे भाइयों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता तिवारी की अदालत ने मामले का त्वरित निराकरण करते हुए मात्र 2 साल 8 महीने में फैसला सुनाया।
अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने बताया कि घटना 24 जून 2023 की है। फरियादी राजेश भाभर के घर के पास स्थित उकेड़े पर आरोपी कांतिलाल, उसकी मां और पत्नी ने पत्थर जमा दिए थे। इस पर राजेश की मां लीलाबाई ने आपत्ति जताई तो बहस हो गई। सुबह करीब 11 बजे इसी बात का समझौता कराने के लिए पंचायत बुलाई गई थी।
पंचायत के दौरान आरोपी शांतिलाल अपनी पत्नी के साथ बाइक से जाने लगा। फरियादी के पिता मगन ने जब उसे रुकने को कहा, तो विवाद बढ़ गया। इसी बीच शांतिलाल के भाई कांतिलाल और कैलाश वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पत्थरों से हमला कर दिया।
सिर पर पत्थर लगने से हुई थी मगन की मौत
कांतिलाल और कैलाश द्वारा फेंके गए भारी पत्थर मगन के सिर के आगे व पीछे हिस्से में लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने आए तेजाराम और मयालीबाई को भी चोटें आईं। घायल मगन को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
वैज्ञानिक व प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों ने निभाई अहम भूमिका
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए। घटनास्थल के प्रमुख साक्षियों—फरियादी राजेश, रतन, गोविंद, भेरू और तेजाराम ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में गवाही दी। इसके अलावा, जब्त खून से सने पत्थरों की विशेषज्ञ जांच और मेडिकल रिपोर्ट ने साबित किया कि सिर में आई गंभीर चोटों के कारण ही मगन की मौत हुई थी। अदालत का फैसला और सजा।
सजा सुनाई
धारा 302 भादवि (हत्या): तीनों को आजीवन कारावास और 5,000-5,000 रुपये अर्थदंड।
धारा 323 भादवि (मारपीट): 6-6 महीने का कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड।
प्रकरण में आरोपी कांतिलाल और कैलाश घटना के बाद से ही जेल में बंद थे, जबकि जमानत पर बाहर चल रहे तीसरे आरोपी शांतिलाल को भी फैसला आते ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

