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प्रदेश के पुलिस मुखिया को लेकर रेस शुरु, उज्जैन से जुडे रहे हैैं दो दावेदार

 

 

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भोपाल,18 सितम्बर (इ खबरटुडे)। प्रदेश का नया पुलिस प्रमुख बनने की रेस प्रारंभ हो चुकी है। इस रेस में कुल तीन दावेदार शामिल है,जिनमें से दो दावेदारों का कभी ना कभी उज्जैन से जुडाव रहा है। पुलिस मुखिया बनने की इस रेस में जिसे सबसे कमजोर दावेदार माना जा रहा है,वही इस पद का हासिल करने के लिए सबसे ज्यादा मशक्कत कर रहा है। हांलाकि पुलिस प्रमुख का पद उसी अधिकारी को मिलेगा जो न सिर्फ सर्वाधिक योग्य होगा बल्कि जो मुख्यमंत्री की पसंद का भी होगा।

प्रदेश के वर्तमान पुलिस मुखिया महानिदेशक कैलाश मकवाना दो माह बाद नवंबर में सेवानिवृत्त होने वाले  है। शासन स्तर पर अब नए पुलिस महानिदेशक के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वरिष्ठता के आधार पर विभाग में करीब बारह अधिकारियों को शार्ट लिस्ट किया गया था और इनमें से भी आखिरकार तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का पैनल बनाकर यूपीएससी को भेजा गया है।

पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक यूपीएसपी को भेजी गई पैनल में उपेन्द्र जैन,प्रज्ञा ऋचा और वरुण कपूर के नाम शामिल है। ये तीनों अधिकारी 1991 बैच के आइपीएस अधिकारी है। इनमें से वरुण कपूर और उपेन्द्र जैन दोनो ही अधिकारी किसी समय पर उज्जैन और रतलाम से जुडे रहे हैैं। उपेन्द्र जैन उज्जैन में  एसपी रह चुके है जबकि वरुण कपूर उज्जैन में डीआईजी रह चुके है। 

पुलिस विभाग के अंदरुनी सूत्रों की मानें तो इनमें से वरुण कपूर पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते रहे हैैं और रतलाम में  एसपी रहने के दौरान  उन पर कई फर्जी प्रकरण बनाने और निर्दोषों को झूठा फंसाने के आरोप भी लगते रहे हैैं। एक समय पर प्रदेश के सर्वाधिक भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों को सूचि में भी उनका नाम शामिल था। इसके अलावा उनके चरित्र को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैैं। वरुण कपूर उज्जैन में भी पदस्थ रह चुके है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उज्जैन से ही है,इसके अलावा भाजपा के कुछ अन्य नेताओं से नजदीकी सम्बन्धों के चलते वे प्रदेश के पुलिस मुखिया बनने के लिए सबसे ज्यादा प्रयास कर रहे हैैं। 

पुलिस महानिदेशक पद के दूसरे दावेदार उपेन्द्र जैन,भी उज्जैन में पदस्थ रह चुके हैैं और वर्ष 2004 में हुए सिंहस्थ के दौरान वे उज्जैन के पुलिस अधीक्षक के रुप में कार्यरत थे। उनके नेतृत्व में सिंहस्थ का सफल आयोजन हुआ था। सिंहस्थ आयोजन के दौरान उज्जैन का एसपी रहने से उनके भी मुख्यमंत्री और भाजपा व संघ के नेताओं से मधुर सम्बन्ध है। श्री जैन की छबि भी इमानदार और दबंग अधिकारी की रही है। ऐसे में उनका दावा काफी मजबूत माना जा रहा है। 

पुलिस महानिदेशक पद की दौड में शामिल तीसरी दावेदार प्रज्ञा ऋचा वर्तमान में होमगार्ड की महानिदेशक है। वरिष्ठता के साथ साथ महिला अधिकारी होने से उनका दावा भी मजबूत है। यदि उन्हे पुलिस मुखिया बनाया जाता है,तो वे प्रदेश की पहली पुलिस मुखिया होंगी और ये निर्णय प्रदेश में सत्तासीन भाजपा के महिला सशक्तिकरण के दावे को भी मजबूत करेगा।

बहरहाल,पुलिस विभाग का नया मुखिया बनाए जाने में अभी दो महीने का समय शेष है और नियुक्ति का आखरी फैसला मुख्यमंत्री द्वारा ही लिया जाएगा। पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे होने के बावजूद वरुण कपूर इस पद को पाने के लिए जमकर जद्दोजहद कर रहे हैैं। लेकिन अगर उनका चयन इस पद के लिए किया गया तो यह भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त शासन की छवि पर विपरित असर डालेगा।