गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और राष्ट्रव्यापी गौ रक्षा के लिए शुरू होगा 'गो सम्मान आह्वान अभियान'
रतलाम, 19 जुलाई (इ खबर टुडे)। देशभर में गो माता को राष्ट्र माता के पद पर विराजमान करने, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और केंद्र स्तर पर कड़ा कानून बनाने की मांग को लेकर एक विशाल, अहिंसक और निष्काम राष्ट्रव्यापी आंदोलन 'गो सम्मान आह्वान अभियान' की रूपरेखा तैयार की गई है। यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले न होकर, पूरी तरह से ईश्वर, गोमाता और नंदी बाबा के सानिध्य में चलाया जाएगा। अभियान के सूत्रधारों के अनुसार, इसमें किसी भी आचार्य, संत, नेता या कार्यकर्ता का फोटो-पोस्टर नहीं लगेगा, बल्कि केवल गोमाता और नंदी महाराज का चित्र ही मुख्य रूप से प्रयुक्त होगा।
इस महा-अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए देश के लगभग 750 जिलों में प्रत्येक जिला स्तर पर तीन संत और तीन गो प्रेमी कार्यकर्ता जोड़े जा रहे हैं। इसी तरह, देश की 5000 तहसीलों में प्रत्येक तहसील स्तर पर एक संत और एक गो प्रेमी कार्यकर्ता की सेवा प्राप्त होगी। ये सभी मिलकर जिले और तहसील के अन्य गो प्रेमियों को इस अभियान से जोड़ने का कार्य करेंगे। प्रांतीय या राष्ट्रीय स्तर पर इसमें कोई सेवा पद नहीं होगा।
चरणबद्ध कार्य योजना (टाइमलाइन)
अभियान की सफलता के लिए एक सुनियोजित और चरणबद्ध कार्य योजना तैयार की गई है।प्रथम चरण (दिसंबर से अप्रैल) पांच महीनों तक देश के हर कोने में गहन प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
27 अप्रैल 2026 (सोमवार) सभी गो भक्त और संत अपने-अपने क्षेत्रों की तहसील मुख्यालयों पर जाकर तहसीलदार अथवा एसडीएम के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपेंगे।
27 जुलाई 2026 (सोमवार) तीन महीने की प्रतीक्षा के बाद अनुकूल उत्तर न मिलने पर, जिला स्तर पर सभी गो भक्त कलेक्टर के माध्यम से पुनः राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को मांग पत्र प्रेषित करेंगे।
27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
पुनः तीन महीने की प्रतीक्षा के बाद परिणाम न मिलने पर, सभी जिलों और तहसीलों के संत व गो भक्त राज्यों की राजधानियों में जुटेंगे और मुख्यमंत्री व राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
27 फरवरी 2027 (शनिवार) यदि फिर भी अनुकूल परिणाम नहीं मिलते हैं, तो देश के 5000 तहसीलों और 750 जिलों के संत व गो प्रेमी देश की राजधानी दिल्ली पहुंचकर लाल किले की प्राचीर से सकारात्मक उद्बोधन और केंद्र सरकार से नियमित पत्र-लेखन के माध्यम से आह्वान करेंगे। यह शांतिपूर्ण संकीर्तन 15 अगस्त 2027 तक निरंतर चलेगा।
16 अगस्त 2027 (सोमवार)
साढ़े पांच महीने की इस लंबी प्रतीक्षा के बाद भी यदि केंद्र सरकार से अनुकूल परिणाम प्राप्त नहीं होते हैं, तो 16 अगस्त 2027 से दिल्ली में 5-5 गोभक्त और संत क्रमिक रूप से आमरण अनशन पर बैठेंगे। यदि किसी गोसेवक के प्राण जाते हैं, तो उसकी जगह दूसरे गो प्रेमी अनशन संभालेंगे। यह क्रम तब तक जारी रहेगा जब तक गो सेवा, सुरक्षा और सम्मान के अधिकार नहीं मिल जाते।
सरकार से मांगे व आग्रह : गौ रक्षा व कानून
गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए, केंद्रीय कानून बने और गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो। गौ तस्करों और हत्यारों को आजीवन कठोर कारावास मिले, तस्करी में प्रयुक्त वाहन राजसात कर गौशालाओं को सौंपे जाएं।
गोगव्य महत्व
गोबर और गोमूत्र को लेकर वृहद अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय बने। सरकारी भवनों और चिकित्सालयों में सामान्य पेंट की जगह गोबर पेंट तथा फिनायल की जगह 'गौनाईल' का उपयोग अनिवार्य हो। सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में भोग, आरती, पूजा और प्रसाद में केवल देशी गाय के दूध-दही-घी का उपयोग हो। बड़े शॉपिंग मॉल्स में गो-आधारित उत्पादों के लिए एक काउंटर अनिवार्य किया जाए।
गौशाला व अनुदान
प्रत्येक ग्राम पंचायत पर निराश्रित नर गोवंश के लिए 'नंदीशाला' बने। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए ताकि वहां काम करने वालों को 100 दिन का ग्वाल वेतन मिले। गौशालाओं को बिजली बिल में भारी छूट या निःशुल्क बिजली दी जाए। महानगरों के बड़े आवासीय क्षेत्रों में बिल्डरों को गौशाला के लिए पृथक स्थान छोड़ने का निर्देश हो। आरक्षित गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 'गोचर विकास बोर्ड' की स्थापना की जाए।
गो चिकित्सालय एवं विद्यालय
जिला स्तर पर पृथक से पंचगव्य चिकित्सालयों की स्थापना हो। विद्यार्थियों के मिड-डे मील में देशी गाय का ताजा दूध या मिल्क पाउडर शामिल किया जाए। राजमार्गों पर हर 50 किमी या टोल प्लाजा पर घायल गोवंश के लिए तत्काल उपचार हेतु 'गो वाहिनी एम्बुलेंस' और गो चिकित्सालय की व्यवस्था हो। कंपनियों के CSR फंड का एक निश्चित हिस्सा गो सेवा में खर्च करना अनिवार्य किया जाए।
पूरी तरह अहिंसक और पारदर्शी अभियान; चंदे पर रोक
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से अहिंसक होगा। इसमें किसी भी प्रकार के मंचीय उद्बोधन, माइक से भाषण या लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। गो प्रेमी अपनी बात केवल संकीर्तन, रैली और प्रार्थना पत्रों के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से रखेंगे। किसी भी राष्ट्रीय या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले विचारकों को इस अभियान से पूरी तरह दूर रखा जाएगा।
विशेष सतर्कता
इस अभियान के नाम पर किसी भी प्रकार का दान या चंदा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति इस अभियान के नाम पर चंदा मांगता है, तो उसकी शिकायत हेतु अभियान के आधिकारिक संपर्क नंबर 8239711008 पर सूचना दी जा सकती है। गो सेवा और राष्ट्र रक्षा के इस पवित्र व निष्काम अभियान से जुड़ने के लिए गो प्रेमी इसी व्हाट्सऐप नंबर पर अपनी विस्तृत जानकारी भेजकर सहभागी बन सकते हैं।

