आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर रोज प्रभावी कार्यवाही करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : कलेक्टर श्री कटेसरिया
रतलाम 24 अगस्त (इ खबर टुडे )।जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग एवं ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों विभागों की कार्रवाई प्रभावी और लगातार दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्रवाई यदि हो भी रही है तो वह जनता के बीच दिखाई नहीं दे रही है।
कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से सवाल किया, "क्या किसी ने इन विभागों की कार्रवाई होते हुए देखी है, किसी ने सुना है या कहीं पढ़ा है?" इस पर बैठक में कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे सका। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिदिन सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसका प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त माह की कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड
कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि अगस्त माह के दौरान विभाग द्वारा की गई सभी कार्रवाई का विस्तृत विवरण तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सबसे पहले इसी विषय पर चर्चा होगी और यह बताया जाएगा कि कितनी कार्रवाई की गई तथा उसके क्या परिणाम रहे।
कलेक्टर ने आबकारी विभाग को भी निर्देश दिए कि अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को मादक पदार्थों की तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफेमा अधिनियम सहित उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।
उन्होंने स्कूलों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति संबंधी फ्लेक्स एवं बैनर लगाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशे के दुष्प्रभावों का संदेश पहुंच सके।

