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शुजालपुर के बाद महिदपुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस को निशाने पर लिया, बोले- वो पप्पू और पप्पू को चलाने वाले चप्पू सब एक लाईन में

 
उज्जैन,17 जून 2026(इ खबर टुडे/ बज्रेश परमार ) ।महिदपुर में सामाकोटा बैराज सहित 207 करोड से अधिक के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करने आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को मुखर वक्ता के रूप में कांग्रेस पर हमला बोला है। 

शुजालपुर के बाद ये दुसरा अवसर है जब उन्होंने इतने मुखर शब्दों में कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने अपने संबोधन में साफ कहा ये कांग्रेसी कान खोलकर सून लें…ये पप्पू और पप्पू को चलाने वाले चप्पू सब एक लाईन में…ऐसे में उन्होंने नौसिखियों के हाथ में अपनी पार्टी की कमान दी है।

शुजालपुर के बाद महिदपुर में यह दुसरा अवसर था जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये कांग्रेसी सून लें कान खोलकर। तुमने तो एक कोडी नहीं दी। और बहनों के लिए हर महीनें रक्षाबंधन मनाते हैं।लाडली बहनों के लिए बहनों के खातों में पैसा पहुंचाते हैं ये हमारा समर्पण है। और ये बेईमान कांग्रेसी कहते हैं कि ये बहनों के पास पैसा पहुंचाते हो तो ये दारू पी जाती है। अरे डूब मरो शर्म से कांग्रेसियों,तुम्हारा चरित्र ऐसा है।तुम तो माता-बहनों की इज्जत नहीं करते हो लेकिन हमारी संस्कृति है।

कांग्रेस इसीलिए अपने कर्मों की सजा भूगत रही है। पूरे –पूरे देश से धीरे-धीरे करके अपने आप अपने कर्मों से मर रहे हैं। वो पप्पू और पप्पू के चलाने वाले चप्पू सब एक लाईन में । जिस दौर में आज यशस्वी प्रधानमंत्री का पराक्रम का विजय रथ आगे बढ रहा है,जब पूरा देश विकास की दौर में आगे बढ रहा है,ऐसे में नौसिखियों के हाथ में उन्होंने अपनी पार्टी की कमान दी है। 

अब वो नौसिखिये गाडी आगे चलाने की बजाय पीछे ठोके तो हम भी क्या करें,वो अपने कर्मों की जानें, उनको जैसे चलाना आए वैसे चलाएं। हमारी कोई लडाई नहीं,लेकिन विकास के मामलों में किसानो के सम्मान ,महिलाओं के मान सम्मान में हमारी सरकार विकास के लिए आगे बढती रहेगी।

 

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, नागदा विधायक तेज बहादुर सिंह, घट्टिया विधायक सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उज्‍जैन जिले की झारडा तहसील स्थित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण किया। यह परियोजना छोटी कालीसिंध नदी पर निर्मित है और इससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक सूक्ष्म दाब सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सामाकोटा बैराज परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 188.42 करोड़ रुपये है, इसकी जल संग्रहण क्षमता 17.57 मिलियन घन मीटर है, जिससे कुल 7236 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पाइप पद्धति द्वारा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। 

इस परियोजना से झारड़ा तहसील के 18 गांवों — नलखेड़ा, पनोडिया, नीमखेड़ा, घट्टिया जस्सा, मेलाखेड़ी, खोरियापदमा, खेरला, लसूड़ियानहाता, नागपुरा, छज्जुखेड़ी, देलाखेड़ी, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, कसोन, डूंगरखेड़ा, महिदपुरिया, सोमचिड़ी एवं झारड़ा — के लगभग 11,093 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। परियोजना के अंतर्गत दो पंप हाउस का निर्माण किया गया है, जिनमें से पंप हाउस नंबर-1 से 5548 हेक्टेयर तथा पंप हाउस नंबर-2 से 1738 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। 

बैराज की ऊंचाई 13 मीटर एवं लंबाई 1010 मीटर है, जिसमें 12 मीटर x 8.85 मीटर के कुल 11 गेट लगाए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्मित महाविद्यालय के नवीन भवन की लागत 4.35 करोड़ रुपये, लोक शिक्षण विभाग द्वारा शासकीय कन्या हाई स्कूल सेमलिया, शासकीय कन्या हाई स्कूल महिदपुर रोड तथा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कुंडीखेड़ा के भवनों की प्रत्येक की लागत 1.48 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग द्वारा मोचीखेड़ा में नवीन 33/11 के.वी. उपकेंद्र की लागत 1.91 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा झारड़ा क्षेत्र के आक्‍यालिम्बा, पीपल्‍याधुमा, गोगाखेड़ा, भादवा, डूंगरखेड़ा, बरखेड़ाबुजुर्ग, मकला, चितावद, धाबलासिया, लसूड़ियानहाटा, नागगुराड़िया, नलखेड़ा एवं शक्‍करखेड़ी में निर्मित 13 उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का लोकार्पण किया । कुल मिलाकर इन विकास कार्यों की अनुमानित लागत 207 करोड़ रुपये से अधिक है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री डेलनपुर बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भी शामिल हुए। 

उन्होंने ध्वज स्थापना, कलश प्रतिष्ठा और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की तथा धर्मसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम जैसा परिवार और रामराज्य जैसी व्यवस्था हर व्यक्ति की इच्छा होती है। 

उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद अब चित्रकूट धाम को भी भव्य स्वरूप देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। जहां-जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े हैं, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डेलनपुर बालाजी धाम में फर्श और बाउंड्री वॉल निर्माण की घोषणा भी की।