Movie prime

 मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी 8 साल बाद हिमाचल से गिरफ्तार

 ​‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत रतलाम पुलिस और साइबर सेल की बड़ी सफलता; ₹2.15 लाख की हुई थी धोखाधड़ी
 
 

रतलाम, 01 जून (इ खबर टुडे)। मर्चेंट नेवी और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को रतलाम की स्टेशन रोड पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 8 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन" के तहत यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

​पुलिस से मिली जानकारी अनुसार, गायत्री नगर (कानीपुरा, उज्जैन) निवासी फरियादी हिमांशु प्रजापति ने थाना स्टेशन रोड पर शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि मर्चेंट नेवी की परीक्षा के दौरान उसकी मुलाकात सुरेन्द्र जाट नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे कम खर्च में नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके बाद सुरेन्द्र ने उसे अपने साथी महेश पाटीदार से मिलवाया। आरोपियों ने ट्रेनिंग और विदेश में नौकरी सेटल कराने के नाम पर हिमांशु से नकद और बैंक खातों के माध्यम से कुल ₹2,15,000/- ऐंठ लिए। राशि लेने के बाद आरोपियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे वापस किए।

​उज्जैन के युवक से हुई थी ठगी, 2019 में दर्ज हुआ था केस
​पीड़ित की रिपोर्ट पर स्टेशन रोड पुलिस ने अपराध क्रमांक 564/2019 के तहत धारा 420 और 34 भादवि (IPC) के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। आरोपी अपनी पहचान छुपाकर लगातार फरार चल रहा था।

​साइबर सेल की मदद से हिमाचल में दबोचा
​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक अजय सारवान के मार्गदर्शन में स्टेशन रोड पुलिस और साइबर सेल की टीम ने फरार आरोपियों की पतारसी तेज की। तकनीकी विश्लेषण और सायबर इनपुट्स के आधार पर पुलिस टीम सीधे हिमाचल प्रदेश पहुंची। वहाँ घेराबंदी कर आरोपी नमन शर्मा (29 वर्ष) पिता राजकुमार शर्मा, निवासी ग्राम कडावो, थाना डेहरा, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया गया।

​पूछताछ जारी
पुलिस गिरफ्तार आरोपी नमन शर्मा से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों और धोखाधड़ी के अन्य मामलों के संबंध में कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इस सराहनीय कार्रवाई में स्टेशन रोड थाना पुलिस और साइबर सेल रतलाम की टीम की मुख्य भूमिका रही।