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 थाना ताल पुलिस की सफलता : नकबजनी की वारदात के मात्र 2 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार, 1 लाख का मश्रुका बरामद

 
 

रतलाम,18 मार्च (इ खबर टुडे)। रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताल थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए नकबजनी की वारदात का चंद घंटों में खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी से चोरी गया माल भी बरामद कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 17 मार्च सोमवार को फरियादी विनोद पिता सूरजमल परमार निवासी ताल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाश उनके सूने घर का ताला तोड़कर अलमारी में रखी करीब 1 लाख रुपये कीमत की सोने की दो चूड़ियां चोरी कर ले गया है। पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 140/26 धारा 331(3), 305(ए) BNS के तहत मामला दर्ज किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी श्रीमती पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।

​CCTV फुटेज से मिला सुराग, घेराबंदी कर दबोचा
​पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया। मुखबिर की सूचना के आधार पर अलग-अलग दिशाओं में टीमों को रवाना किया। टीम ने करवाखेड़ी रोड बस स्टैंड पर घेराबंदी करते हुए घटना के मात्र 2 घंटे के भीतर संदिग्ध ​आरोपी का राधेश्याम पिता मांगीलाल तँवर 50 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हार मोहल्ला, छापीहेड़ा, जिला राजगढ़ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी करना स्वीकार किया। 


​आरोपी का नाम: राधेश्याम पिता मांगीलाल तँवर (50 वर्ष), निवासी ग्राम कुम्हार मोहल्ला, छापीहेड़ा, जिला राजगढ़ (म.प्र.)।

​बरामदगी: आरोपी के कब्जे से चोरी की गई दो सोने की चूड़ियाँ (कीमत 1 लाख रुपये) बरामद की गईं।

आरोपी का पुराना आपराधिक रिकार्ड 
​पुलिस द्वारा सीसीटीएनएस (CCTNS) सॉफ्टवेयर पर जांच करने पर आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं। 
​थाना छापीहेड़ा (राजगढ़) - जुआ एक्ट (2010)
​थाना छापीहेड़ा (राजगढ़) - आबकारी एक्ट (2023)
​थाना नीमच केंट - नकबजनी/चोरी (2025)

​सराहनीय भूमिका
​इस त्वरित कार्यवाही और माल बरामदगी में थाना प्रभारी निरीक्षक स्वराज डाबी, उपनिरीक्षक मोहम्मद अय्युब खाँन, उपनिरीक्षक के.के. सिंह, सउनि पंकज भम्भोरिया, आरक्षक शान्तीलाल और आरक्षक राहुल पाटीदार की मुख्य भूमिका रही।