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 विपरीत परिस्थितियों में परिवार और समाज को संबल देने वाली प्रेरक मातृशक्ति थीं तेजकुँवर बाई काश्यप

 मुंबई में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा 
 

 

मुंबई, 25 अक्टूबर(इ खबर टुडे)। धर्म, सेवा, संस्कार और सामाजिक समर्पण की प्रतिमूर्ति स्व. श्रीमती तेजकुँवर बाई काश्यप की पुण्य स्मृति में रविवार को एचएसएनसी यूनिवर्सिटी, वर्ली, मुंबई में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री  मंगल प्रभात लोढ़ा, प्रख्यात चिंतक एवं समाजसेवी वल्लभ भंसाली सहित जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा फिल्म, संगीत, उद्योग एवं व्यापार जगत की प्रमुख हस्तियों ने उपस्थित होकर मातुश्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मातुश्री के संस्कारों में दिखाई देता है चेतन्य काश्यप का व्यक्तित्व : मंगल प्रभात लोढ़ा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मात्र 21 वर्ष की आयु में पति को खो देने के पश्चात मातुश्री तेजकुँवर बाई काश्यप ने जिस साहस और धैर्य के साथ परिवार का पालन-पोषण किया तथा बच्चों को संस्कार दिए, वह असाधारण है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्री चेतन्य काश्यप के व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान को देखकर उनकी मातुश्री के संस्कारों तथा जीवन-मूल्यों का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

श्री लोढ़ा ने काश्यप परिवार के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि चेतन्य काश्यप की विशेषता सबको साथ लेकर चलने की उनकी भावना है। मध्य प्रदेश के साथ-साथ मुंबई के समाज से भी उनका गहरा जुड़ाव है।

उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “माँ के आशीर्वाद से बड़ा कोई सुख नहीं होता।” मातुश्री का आशीर्वाद और उनके दिए संस्कार सदैव परिवार के साथ रहेंगे।

कठिनाइयों का सामना करने की अद्भुत मिसाल थीं मातुश्री : वल्लभ भंसाली

प्रख्यात चिंतक एवं समाजसेवी वल्लभ भंसाली ने कहा कि दुःख जीवन का एक सत्य है, लेकिन मातुश्री तेजकुँवर बाई काश्यप ने अपने जीवन से यह सिखाया कि कठिन परिस्थितियों का सामना किस प्रकार साहस और सकारात्मकता के साथ किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कम उम्र में पति के निधन और दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी के बावजूद मातुश्री ने न केवल परिवार और व्यवसाय को संभाला, बल्कि सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन किया। उन्होंने अपने पुत्र श्री चेतन्य काश्यप को जिस प्रकार संस्कारित किया, वह उनके व्यक्तित्व निर्माण का प्रमाण है।

काश्यप परिवार के साथ लगभग चार दशकों के आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए श्री भंसाली ने कहा कि श्री चेतन्य काश्यप के व्यवहार में दिखाई देने वाली विनम्रता, कृतज्ञता, परिवार के बुजुर्गों के प्रति आदर और कठिनाइयों के सामने दृढ़तापूर्वक खड़े रहने की भावना मातुश्री के दिए संस्कारों की विरासत है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने पीछे जो जीवन-मूल्य और प्रेरणा छोड़ जाता है, वही उसकी वास्तविक उपलब्धि होती है।

17 मार्च 1943 को मध्य प्रदेश के कुक्षी में जन्मीं मातुश्री तेजकुँवर बाई काश्यप का विवाह वर्ष 1958 में रतलाम के काश्यप परिवार में श्री अशोक कुमार काश्यप के साथ हुआ था। वर्ष 1964 में पति के आकस्मिक निधन के पश्चात उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियाँ संभालते हुए जीवन को धर्म एवं समाजसेवा के लिए समर्पित किया। रतलाम में स्थापित अहिंसा ग्राम प्रकल्प में उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जहाँ 100 जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका संबंधी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। उन्होंने लगभग दो दशकों तक महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई एवं कुटीर उद्योगों का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दिया। वे आदर्श मानव सेवा ट्रस्ट एवं प्रोग्रेसिव लेडीज वेलफेयर सोसायटी सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी रहीं। उनकी धार्मिक साधना, सेवा एवं तपस्या के लिए वर्ष 2016 में अखिल भारतीय त्रिस्तुतिक जैन संघ द्वारा उन्हें ‘श्राविका रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया था। 11 अक्टूबर 2026 को मुंबई में 83 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।

श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में आदर्श मानव सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी पारसमल गोलेछा, जीतो के चेयरमैन  संजय डांगी,  किशोर खाबिया जैन,  शांतिलाल कवाड़, श्री मोहनखेड़ा तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपालाल वर्धन, ट्रस्टी  पृथ्वीराज कोठारी, प्रोग्रेसिव लेडीज वेलफेयर सोसायटी की प्रतिनिधि श्रीमती पिंकी जैन, वर्ल्ड जैन कन्फेडरेशन के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जितेंद्र बी. शाह एवं महासचिव वीरेंद्र भाई शाह, थराद त्रिस्तुतिक संघ मुंबई के अध्यक्ष  रमेश भाई धरु तथा जियो के चेयरमैन घेवरचंद बोहरा शामिल थे।

इसके अतिरिक्त ज़ी बिज़नेस के मैनेजिंग एडिटर  अनिल सिंघवी, लीलावती हॉस्पिटल ट्रस्ट के लाइफ ट्रस्टी राजीव मेहता तथा परिवार की ओर से  अशोक पारेख एवं डॉ. रेणुका बेन पोरवाल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मातुश्री के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज साहेब, आचार्य श्री नयपद्मसागर जी महाराज साहेब तथा हार्टफुलनेस के आध्यात्मिक मार्गदर्शक कमलेश पटेल (दाजी) के श्रद्धांजलि संदेश भी प्राप्त हुए। कार्यक्रम के दौरान मंच से इन सभी विशिष्टजनों के प्राप्त श्रद्धांजलि संदेशों का उल्लेख किया गया।

लगभग दो घंटे चले कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, नवकार मंत्र एवं प्रार्थना से हुआ। इसके पश्चात भक्ति, मानवीय संवेदना और जीवन-दर्शन से जुड़े गीतों के माध्यम से संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गीतों के बीच विभिन्न वक्ताओं ने मातुश्री से जुड़े संस्मरण साझा किए।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मातुश्री के जीवन, परिवार, धार्मिक साधना और सामाजिक कार्यों पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों तथा सेवा कार्यों को प्रस्तुत करने वाले इस वृत्तचित्र को उपस्थितजनों ने सराहा। कार्यक्रम का संचालन उत्तम छेड़ा ने किया तथा संगीतमय प्रस्तुति सुदीप जयपुरवाले एवं सुश्री स्मिता जैन ने दी।

श्रद्धांजलि सभा में जैन समाज, उद्योग जगत एवं फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही। इनमें प्रख्यात फिल्मकार  मधुर भंडारकर, इपका के चेयरमैन पी. सी. गोधा, पूर्व सांसद विजय दरदा, गीतकार कुमार राकेश, चित्रकार कमल जैन, ख्यालीलाल तातेड़, श्रेनजु डायमंड के चेयरमैन  श्रेयस डोसी, इंटरपब्लिसिटी के चेयरमैन सुमतिचंद गोठी, मॉडर्न ग्रुप के डायरेक्टर कमल राका तथा वरिष्ठ समाजसेवी प्रशांत ज़वेरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर मातुश्री की ननंद डॉ. श्रीमती मनोरमा चौधरी एवं श्रीमती विजयलक्ष्मी पोरवाल, मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री एवं मातुश्री के पुत्र श्री चेतन्य काश्यप, पुत्रवधू श्रीमती नीता काश्यप, पुत्री श्रीमती भावना मानावत एवं दामाद श्री शैलेन्द्र मानावत, पौत्र श्री सिद्धार्थ काश्यप एवं श्रीमती पूर्वी काश्यप, श्री श्रवण काश्यप एवं श्रीमती अमी काश्यप, प्रपौत्र सारांश काश्यप सहित परिवार के सदस्य एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ के साथ हुआ। इसके पश्चात परिवार की ओर से श्री सिद्धार्थ काश्यप ने इस दुःख की घड़ी में परिवार को संबल प्रदान करने हेतु उपस्थित हुए सभी इष्टजनों, मित्रजनों, समाजजनों एवं शुभचिंतकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।