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 वेतन न मिलने से शिक्षक परेशान: आधा मार्च गुजर गया लेकिन अब तक नहीं आया फरवरी का वेतन

 
 मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने उठाई आवाज  
 

रतलाम,18 मार्च(इ खबर टुडे)। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने जिले के आलोट और जावरा क्षेत्र के शिक्षकों को फरवरी माह का वेतन मार्च का आधा महीना बीत जाने के बाद भी न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ ने इस संबंध में कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत), जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

आर्थिक और मानसिक तनाव में शिक्षक

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पत्र में बताया कि आज 13 मार्च बीत जाने के बाद भी शिक्षकों के खातों में वेतन नहीं पहुँचा है। आमतौर पर शिक्षकों को अपने गृह ऋण (Home Loan) और व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) की किश्तें महीने की 1 से 7 तारीख के बीच चुकानी होती हैं। वेतन में देरी के कारण अब उन पर पेनल्टी लगने और 'डिफाल्टर' घोषित होने का खतरा मंडरा रहा है।

दैनिक जीवन प्रभावित

वेतन न मिलने का असर केवल बैंक किश्तों तक सीमित नहीं है। शिक्षकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि:उनके दूध और किराने के बिलों का भुगतान रुक गया है। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा और ट्यूशन फीस नहीं भरी जा सकी है। आर्थिक तंगी के चलते संबंधित एजेंसियों और दुकानदारों के बार-बार फोन आने से शिक्षकों को सामाजिक प्रतिष्ठा का नुकसान हो रहा है।

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने प्रश्न उठाया है कि "जब समय पर वेतन नहीं मिलता, तो इसकी जवाबदारी किसकी होगी? पेनल्टी और मानसिक तनाव का जिम्मेदार कौन होगा ?"  

इन्होंने उठाई आवाज

इस मामले में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष गोपाल उपाध्याय, उज्जैन संभाग के सह-संगठन मंत्री सर्वेश कुमार माथुर, जिला संगठन मंत्री बद्री लाल मनौतिया और जिला सचिव जितेंद्र सिंह चौहान ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।