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 स्कूल में शराब पीकर आते हैं शिक्षक, विरोध करने पर बच्चों को दी चमड़ी उधेड़ने की धमकी; ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

 ​जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण, शासकीय प्राथमिक विद्यालय के दो शिक्षकों पर लगाए गंभीर आरोप, सख्त कार्रवाई की मांग
 

 

​रतलाम, 14 जुलाई (इ खबर टुडे)। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब विकासखंड सैलाना के ग्राम झरी के ग्रामीण और स्कूली बच्चे कलेक्ट्रोरेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम एक शिकायती आवेदन (ज्ञापन) सौंपकर गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ दो शिक्षकों पर स्कूल में शराब पीकर आने, बच्चों को डराने-धमकाने और नियमित रूप से स्कूल न आने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

​कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम झरी निवासी बबलू, राकेश, तुलसीराम और दिनेश (सभी भील समाज) सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हरीश चौहान और सुनील जोशी कार्यरत हैं। आरोप है कि ये दोनों शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैं और स्कूल का संचालन बेहद अनियमित तरीके से कर रहे हैं।

​ग्रामीणों ने रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों शिक्षक अक्सर स्कूल में शराब पीकर आते हैं। इतना ही नहीं, वे स्कूल के भीतर बैठकर बच्चों के सामने ही शराब का सेवन करते हैं। जब मासूम बच्चे इसका विरोध करते हैं या सहम जाते हैं, तो शिक्षक उन्हें शराब के नशे में डराते-धमकातें हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षकों ने बच्चों को यह तक धमकी दी है कि "यदि शराब पीने की बात किसी ने भी बाहर जाकर गांव वालों या माता-पिता से बोली, तो तुमको मार-मार कर तुम्हारी चमड़ी उधेड़ देंगे।"

​एक शिक्षक रहते हैं गायब, बच्चों का भविष्य खतरे में
​शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिप्रार्थी शिक्षकों में से एक शिक्षक सुनील जोशी बहुत ही कम विद्यालय में उपस्थित होते हैं। जब भी वे आते हैं, तो पढ़ाई कराने के बजाय शराब के नशे में बच्चों को डराना-धमकाना शुरू कर देते हैं। शिक्षकों के इस कृत्य के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं में भारी भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की इन हरकतों के कारण उनके बच्चों का भविष्य पूरी तरह अंधकार में डूब रहा है और बच्चे स्कूल में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

​मासूम बच्चों को लेकर कलेक्ट्रोरेट पहुंचे ग्रामीण
​जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों (जो स्कूल की यूनिफॉर्म पहने हुए थे) को साथ लेकर कलेक्ट्रोरेट पहुंचे थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों की व्यथा को सुना और मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इन शराबी शिक्षकों को तत्काल स्कूल से नहीं हटाया गया और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम नहीं उठाए गए, तो वे बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।