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 भूमि विवाद में मारपीट करने वाले सात आरोपियों को 3-3 वर्ष की जेल, कोर्ट का फैसला

 

​रतलाम,16जून(इ खबर टुडे)। खेत में ट्रैक्टर से जुताई करने की बात को लेकर हुए भूमि विवाद में फरियादी व उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने वाले सात आरोपियों को न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 11,200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय द्वारा सुनाया गया।

​अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 16 मई 2020 को फरियादी चैनसिंह अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करवा रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और भूमि विवाद को लेकर ग्राम छोटी सिंगत निवासी आरोपी भूरालाल, सुरपाल उर्फ सुरेश, राकेश, फक्का उर्फ फकीरचंद, गीताबाई, सेताबाई एवं बालूबाई एकमत होकर हाथों में कुल्हाड़ी, लकड़ी (लाठी) और पत्थर लेकर मौके पर पहुंचे।

​आरोपियों ने फरियादी और उसके परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी। चैनसिंह के शोर मचाने पर जब उसके पिता कानजी, भाई कमलेश और अन्य परिजन बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बर्बरता से मारपीट की। इस हमले में कानजी के सिर में गंभीर चोट आई थी, जबकि कमलेश, चैनसिंह और रेखाबाई भी घायल हुए थे।

​वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुए दोषसिद्ध
​घटना के बाद थाना रावटी द्वारा संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना की गई और अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा फरियादी, घायल साक्षियों के बयान और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और सबूतों से सहमत होते हुए सभी 7 आरोपियों को दोषी पाया।

​न्यायालय द्वारा सुनाया गया दंड
​न्यायालय ने सत्र प्रकरण क्रमांक S.T. 87/2020 में दोषियों को ​धारा 326 सहपठित धारा 149 भा.दं.सं. (घायल कानजी के मामले में): सभी दोषियों को 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास), ​धारा 323 सहपठित धारा 149 भा.दं.सं. (घायल चैनसिंह, कमलेश व रेखाबाई के मामले में): प्रत्येक आहत के संबंध में 03-03 माह का सश्रम कारावास एवं 200-200 रुपये अर्थदंड, ​धारा 148 भा.दं.सं. (बलवा): सभी को 06-06 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

​सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। प्रकरण में शासन की ओर से सशक्त पैरवी और अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा किया गया।