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 रतलाम: नाबालिग बेटी के अपहरण और पुलिसकर्मी पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप, एसपी से न्याय की गुहार

 

 

​रतलाम, 03 नवंबर (इ खबर टुडे)। जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खांदनपाड़ा से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने अपनी ही रिश्ते के भतीजे पर बेटी को बहला-फुसलाकर भगाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके साथ ही, मामले की जांच कर रहे बिरमावल चौकी के पुलिसकर्मी पर तलाश के नाम पर 5-5 हजार रुपये रिश्वत लेने और कोई कार्रवाई न करने का भी संगीन आरोप लगाया गया है।  
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी पूनमचंद डिंडोर (निवासी ग्राम खांदनपाड़ा, पोस्ट पिपलखूटा, तहसील व जिला रतलाम) मजदूरी का काम करते हैं। उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री सविता (जो कक्षा 11वीं की छात्रा है) गत 13 अगस्त 2026 को घर से स्कूल जाने का कहकर निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी।  

​परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने और रिश्तेदारों में पता लगाने पर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों को शंका हुई कि प्रार्थी के बड़े भाई रुगनाथ डिंडोर का लड़का कमलेश डिंडोर (जो रिश्ते में नाबालिग लड़की का भाई लगता है) उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। आरोप है कि शुरुआत में पारिवारिक बदनामी के डर से आरोपी पक्ष ने खुद तलाश करने की बात कहकर टालमटोल किया था।  

​पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
पिता पूनमचंद ने बिलपांक थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप है कि बिरमावल चौकी के पुलिसकर्मी अल्पेश सिंगाड़ (जो इस मामले के जांच अधिकारी / I.O. हैं) ने लड़की और आरोपी को ढूंढने के एवज में प्रार्थी और उसके भाई से 5-5 हजार रुपये ले लिए, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस तलाश नहीं की गई।  

​पीड़ित पिता ने 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक (एसपी) रतलाम को भी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो कोई सीडीआर निकाली गई और न ही दोनों की लोकेशन ट्रेस की गई है।  

​लगभग 3 महीने का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से परेशान और डरे हुए पिता ने अब पुलिस अधीक्षक महोदय को पुनः आवेदन देकर अपनी नाबालिग बेटी की सकुशल तलाश कराने, उसका मेडिकल परीक्षण करवाने और दोषी पुलिसकर्मी तथा आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।