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 प्रशासनिक 'अत्याचार' ने ली एक और पटवारी की जान: नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

 

​रतलाम,21अप्रैल (इ खबर टुडे)। जिले की आलोट तहसील में एक सरकारी कर्मचारी द्वारा तंत्र की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खजूरी सोलंकी हल्के में पदस्थ पटवारी रवि खराड़ी ने प्रशासनिक दबाव और मानसिक उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से बरामद एक हाथ से लिखे नोट ने पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर वरिष्ठ अधिकारी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ​मृतक पटवारी द्वारा छोड़े गए पत्र में नायब तहसीलदार सरिता राठौर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र के अनुसार, नायब तहसीलदार द्वारा पटवारी पर पुराने राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा बटांकन और मौका रिपोर्ट में हेरफेर करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था। रवि खराड़ी ने पत्र में लिखा है कि— ​"मुझ पर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा था। जब मैंने इनकार किया, तो मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया गया। मैं इस दबाव में नौकरी नहीं कर सकता।"

भाई की शादी में भी नहीं जाने दिया; क्वार्टर पर बुलाकर दी धमकी
​पत्र में यह भी उल्लेख है कि प्रताड़ना की इंतहा इस कदर थी कि पटवारी को अपने सगे भाई की शादी तक में शामिल होने का समय नहीं दिया गया। आरोप है कि नायब तहसीलदार ने उन्हें अपने क्वार्टर पर बुलाकर धमकी दी थी कि वह उन्हें भाई की शादी में नहीं जाने देंगी। मृतक ने पत्र में रंजीत सिंह नामक व्यक्ति के पक्ष में गलत काम करने के दबाव की रिकॉर्डिंग होने की बात भी लिखी है।


​इस हृदयविदारक घटना के बाद पटवारी संघ में भारी आक्रोश है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों को अक्सर अधिकारियों की मनमानी का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ तत्काल एफ़आईआर (FIR) दर्ज की जाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच हो।