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 रतलाम सर्किल जेल में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार: 'मुलाकात कक्ष' का वीडियो वायरल, आरोपी ने किए पिस्तौल जैसे इशारे; पुलिस के 'फ्रैक्चर' के दावे पर भी उठे गंभीर सवाल

 

 

रतलाम, 19 जुलाई (इ खबर टुडे)। रतलाम सर्किल जेल एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक को लेकर सुर्खियों में आ गई है। जानलेवा चाकूबाजी के मामले में न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में बंद आरोपी बाबर खान का जेल परिसर के भीतर से बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल प्रशासन की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में आखिर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और वीडियो किसने रिकॉर्ड किया, जेल प्रबंधन ने इसकी गहन जांच शुरू कर दी है।

​जानकारी के अनुसार, आरोपी बाबर खान को स्टेशन रोड थाना पुलिस ने 10 जुलाई की रात हुए एक जानलेवा हमले के मामले में 14 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। अदालत के आदेश के बाद उसे उसी दिन रतलाम सर्किल जेल भेज दिया गया था। अब जेल में बंद इसी आरोपी का मुलाकात कक्ष से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है।

​पारदर्शी शीशे के पीछे से इंटरकॉम पर बातचीत, उंगलियों से बनाए पिस्तौल के निशान
​वायरल वीडियो में आरोपी बाबर खान पारदर्शी शीशे के पीछे बैठा हुआ है और इंटरकॉम के माध्यम से बाहर आए किसी मुलाकातकर्ता से बातचीत करता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान बाहर मौजूद किसी अज्ञात व्यक्ति ने बड़ी आसानी से मोबाइल फोन से उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में बाबर कैमरे की ओर हाथ हिलाते हुए अपनी उंगलियों से पिस्तौल जैसा इशारा करता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर वायरल किए गए इस वीडियो में एक आपत्तिजनक ऑडियो जोड़कर अपराध और अपराधी का महिमामंडन करने की भी कोशिश की गई है।

​रोजाना आते हैं 150 तक मुलाकातकर्ता, फिर कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?
​जेल प्रशासन के अनुसार, कैदियों से मिलने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का बकायदा पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) होता है, पहचान पत्र का सत्यापन किया जाता है और हैंड मेटल डिटेक्टर से गहन सुरक्षा परीक्षण (चेकिंग) किया जाता है। मुलाकात के समय एक पुरुष प्रहरी सुरक्षा जांच के लिए और एक महिला प्रहरी पंजीकरण काउंटर पर तैनात रहती है। जेल में रोजाना औसतन 125 से 150 लोग कैदियों से मिलने आते हैं। इतनी कड़ी चेकिंग के दावों के बावजूद जेल परिसर के भीतर मोबाइल पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

​पुलिस के 'पैर फ्रैक्चर' के दावे की खुली पोल!
​इस वायरल वीडियो ने न केवल जेल प्रशासन बल्कि रतलाम पुलिस की थ्योरी को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। वीडियो में आरोपी बाबर खान अपने पैर को बेहद सहजता से उठाता और हिलाता दिखाई दे रहा है। बता दें कि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने दावा किया था कि घेराबंदी के दौरान भागने की कोशिश में गिरने से आरोपी का पैर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद उसे पैर पर प्लास्टर चढ़ाकर कोर्ट में पेश किया गया था। लेकिन वीडियो में आरोपी की शारीरिक सहजता को देखकर पुलिस के उस दावे पर भी अब जनता और मीडिया में गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
​सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा 

जेल प्रशासन, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
​मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल उपअधीक्षक ब्रजेश मकराने ने बताया कि वायरल वीडियो को बेहद गंभीरता से लिया गया है। जेल प्रशासन द्वारा तुरंत जांच शुरू कर दी गई है। मुलाकात रजिस्टर खंगालने के साथ-साथ जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मोबाइल जेल परिसर के भीतर तक कैसे पहुंचा, वीडियो किसने बनाया, और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।