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 जिला जेल रतलाम में गूँजा ऋषि संदेश: गायत्री महायज्ञ में बंदियों ने ली सकारात्मकता की आहुति

 
 

रतलाम,11 मई (इ खबर टुडे)। जिला जेल रतलाम में गायत्री शक्तिपीठ के तत्वावधान में आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ। जेल परिसर में आयोजित पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ में बड़ी संख्या में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विश्व शांति और आत्म-कल्याण का संकल्प लिया।

​महायज्ञ का शुभारंभ गुरु ईश वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात षटकर्म, देव आवाहन और देव पूजन की प्रक्रिया संपन्न की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्ति वाचन के बीच अग्नि स्थापना कर गायत्री मंत्र, गणपति जी, नवग्रह देवता और षोडश मातृका की आहुतियां प्रदान की गईं। यज्ञ की पूर्णाहुति से पूर्व महामृत्युंजय मंत्र के साथ सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की गई।

लोभ-मोह से ऊपर उठकर श्रेष्ठ बनें: प्रभुलाल धाकड़
​इस अवसर पर गायत्री परिवार नीमच के वरिष्ठ सदस्य श्री प्रभु लाल धाकड़ ने युग ऋषि आचार्य श्रीराम शर्मा जी के संदेश को साझा करते हुए कहा ​"मानव शरीर देव दुर्लभ है। हमें लोभ, मोह और अहंकार जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वयं को श्रेष्ठ बनाने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।" ​वहीं, श्रीमती मंजुला शर्मा ने गायत्री महामंत्र की विस्तृत व्याख्या करते हुए गुरु संदेश से उपस्थित जनों को प्रेरित किया।

​इनकी रही विशेष उपस्थिति
​संगीत मय का संचालन अशोक धाकड़ द्वारा किया गया। ​सहयोगी दल कमल एरन, दिव्यांश प्रजापति सहित महिला मंडल से हेमलता शर्मा, रितु साहू और रश्मि शर्मा रही। रतलाम शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी पातिराम शर्मा ने जेल प्रशासन और श्रद्धापूर्वक सम्मिलित होने वाले बंदियों का आभार व्यक्त किया।

​जेल अधीक्षक ने जताया आभार
​कार्यक्रम के समापन पर जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने गायत्री परिवार रतलाम एवं नीमच के कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजनों और ऋषि संदेशों से बंदियों के विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और वे मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।