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 रतलाम रेल मंडल ने रचा आधुनिकता का नया इतिहास, सिग्नलिंग,‘कवच’ और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां

 
 

रतलाम, 06 अप्रैल (इ खबर टुडे)। वर्ष 2025-26 पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के संकेत एवं दूरसंचार विभाग के लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा। आधुनिक सिग्नलिंग, स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के सफल क्रियान्वयन तथा यात्री सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से मंडल ने सुरक्षा, संरक्षा और तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

 रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग  द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन उपलब्धियों के पीछे मंडल रेल प्रबंधक रतलाम अश्विनी कुमार का कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) श्री आर.एस. मीना के नेतृत्व के साथ विभाग के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा और अन्य\ विभागों के साथ बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

दिल्ली–मुंबई ट्रंक रूट पर स्थित रतलाम मंडल के गोधरा–नागदा सेक्शन में 224.49 रूट किलोमीटर पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक
चालू की गई है। इसमें वर्ष 2024-25 में कमीशन किए गए कांसुधी–पिपलोद सेक्शन के 28 किलोमीटर भी शामिल हैं। यह रतलाम मंडल का पहला ऐसा खंड है, जहां ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।

यात्री सुरक्षा को और सुदृढ़ करते हुए, स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली‘कवच’ का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है। यह प्रणाली कुल 224 रूट किलोमीटर (रतलाम मंडल में 154 किमी एवं वडोदरा मंडल में 70 किमी) को कवर करती है। इसका औपचारिक उद्घाटन 30 मार्च 2026 को किया गया, जो रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए मंडल के 11 स्टेशनों—जावरा, ढोढर, कचनारा, दलौदा, लिमखेड़ा, उज्जैन, उज्जैन ‘सी’,
बेरछ, मंदसौर, मेघनगर एवं रतलाम पूर्व—पर पारंपरिक पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से प्रतिस्थापित किया गया है। इस प्रकार एक ही वर्ष में 11 स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग सिस्टम का उन्नयन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ट्रेन संचालन को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से सिग्नल दृश्यता में सुधार किया गया है। सिग्नल साइटिंग कमेटी की सिफारिशों के अनुसार वर्ष 2025-26 में 27 राइट हैंड साइड सिग्नलों को लेफ्ट हैंड साइड में स्थानांतरित किया गया है। 31 मार्च 2026 तक कुल 45 सिग्नल अभी भी राइट हैंड साइड पर स्थित हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मक्सी, चंदेरिया एवं शुजालपुर स्टेशनों पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड एवं “एट ए ग्लांस” डिस्प्ले बोर्ड स्थापित किए गए हैं। डॉ. अंबेडकर नगर स्टेशन पर भी आधुनिक सूचना प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें 5-लाइन मल्टीलाइन डिस्प्ले बोर्ड, 4 सिंगल लाइन डबल फेस डिस्प्ले बोर्ड तथा प्लेटफॉर्म 1 एवं 3 पर कोच गाइडेंस बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही प्लेटफॉर्म संख्या 2 के कोच गाइडेंस बोर्ड को भी नवीन प्रणाली से प्रतिस्थापित किया गया है।

सुरक्षा को और मजबूत करते हुए 61 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह कार्य रेल टेल कॉर्पोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड द्वारा वीडियो सर्विलांस सिस्टम के अंतर्गत किया गया है, जिसमें 8 स्टेशन निर्भया फंड के तहत शामिल हैं।

इन सभी पहलों के माध्यम से पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल न केवल सुरक्षा एवं तकनीकी उन्नयन में अग्रणी बन रहा है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करने के अपने संकल्प को भी सशक्त कर रहा है।