डिजिटलीकरण की ओर बढ़ता रतलाम मंडल एक साथ सभी टीटीई लॉबी बायोमेट्रिक प्रणाली युक्त भारतीय रेलवे का पहला मंडल
मंडल पर टीटीई लॉबी रतलाम के अतिरिक्त उज्जैन, इंदौर, डॉ. अम्बेडकर नगर, चित्तौड़गढ़, देवास, नीमच, नागदा एवम दाहोद की टीटीई लॉबियों को भी इस प्रणाली से युक्त किया गया है। इस पहल से ऑन ड्यूटी/ऑफ-ड्यूटी की सुनिश्चितता, कार्य में पारदर्शिता, और मैन्युअल प्रक्रियाओं से जुड़ी विवाद की संभावनाओं का पूर्ण निवारण संभव होगा।
इस क्रांतिकारी बदलाव के पीछे मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार की दूरदर्शिता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी का कुशल मार्गदर्शन, साथ ही मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं सहायक वाणिज्य प्रबंधक के निर्देशन और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक-टिकट चेकिंग की कार्यकुशलता का विशेष योगदान रहा है, जिसके कारण यह कार्य अपेक्षा से भी कम समय में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया।
यह प्रणाली न केवल कार्य में मुक्त-प्रवाह लाएगी, बल्कि अनियमितताओं को समाप्त कर कर्यस्थल पर व्यवस्थित अनुशासन और विश्वास की पृष्ठभूमि तैयार करेगी। टिकट चेकिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं में यह पहल गुणवत्ता, दक्षता और जवाबदेही का नया मानदंड स्थापित करेगी।
इस नवीन व्यवस्था से ऑन ड्यूटी/ ऑफ ड्यूटी की सटीक पुष्टि, मैन्युअल हस्तक्षेप से उत्पन्न विवादों का पूर्ण विराम, कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही का उन्नय तथा अनियमितताओं के उन्मूलन से यात्री और कर्मचारी दोनों को सुरक्षित और विश्वसनीय परिवेश मिलेगा।
रतलाम मंडल की इस भूमिका को देखते हुए अन्य मंडलों में भी बायोमेट्रिक लॉबी प्रणाली की त्वरित स्थापना की संभावना दिखाई देती है। यह राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में विश्वसनीयता और कुशलता की नई दृष्टि प्रस्तुत करता है। यह तकनीकी सुधार भारतीय रेलवे के डिजिटलीकरण और संसाधन दक्षता की दिशा में एक बड़ा कदम है।