रतलाम मंडल ने माल लदान में रचा नया कीर्तिमान;16.56 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ देश के अग्रणी मंडलों में शामिल
रतलाम, 3 जून(इ खबर टुडे) । पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यात्री सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ माल परिवहन के क्षेत्र में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रारंभिक दो महीनों में मंडल ने माल लदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख मंडलों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है।
मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में रतलाम मंडल के सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, परिचालन दक्षता तथा ग्राहक सेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण मंडल माल परिवहन के क्षेत्र में लगातार नई सफलताएं अर्जित कर रहा है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मई 2026 के दौरान रतलाम मंडल द्वारा कुल 1.91 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18.29 प्रतिशत अधिक है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम दो माह अप्रैल एवं मई 2026 में मंडल द्वारा कुल 3.51 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16.56 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है।
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि भारतीय रेल के उन मंडलों में, जहां वार्षिक लोडिंग एक मिलियन टन या उससे अधिक है, रतलाम मंडल ने 16.56 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज कर स्वयं को सर्वाधिक तेजी से बढ़ने वाले मंडलों में स्थापित किया है। यह उपलब्धि मंडल की कुशल कार्ययोजना, प्रभावी संचालन तथा ग्राहकोन्मुखी दृष्टिकोण का प्रतिफल है।
माल लदान में हुई इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे विभिन्न वस्तुओं की लोडिंग में दर्ज हुई बढ़ोतरी महत्वपूर्ण रही है। पेट्रोलियम, ऑयल एवं लुब्रिकेंट (POL) की लोडिंग में 238.68 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि खाद्यान्न लोडिंग में 105.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त सीमेंट, क्लिंकर तथा अन्य विविध वस्तुओं की लोडिंग में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई, जिससे मंडल के कुल माल राजस्व और लदान प्रदर्शन को नई गति मिली है।
रतलाम मंडल ने माल परिवहन क्षेत्र में ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, गुड्स शेड्स के आधुनिकीकरण, मालगाड़ियों के त्वरित परिचालन तथा उद्योगों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकाधिक ग्राहक रेल परिवहन की ओर आकर्षित हो रहे हैं और मंडल की लोडिंग में निरंतर वृद्धि हो रही है।

