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 पश्चिम रेलवे के गैर-किराया राजस्व में रतलाम मंडल ने हासिल किया 12 करोड़ का लक्ष्य

  Sr DCM श्रीमती केवलरामानी प्रशस्ति पत्र से सम्‍मानित
 
 

रतलाम, 16 मार्च (इ खबर टुडे)। पश्चिम रेलवे ने गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) के क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 12 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य को रतलाम मंडल द्वारा सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, जो मंडल की सुदृढ़ कार्यप्रणाली एवं नवाचारी सोच को दर्शाता है।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में मुंबई स्थित चर्चगेट मुख्यालय में आयोजित विशेष समारोह में प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक द्वारा रतलाम मंडल के वरिष्‍ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी सहित वाणिज्‍य विभाग के अन्‍य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्‍मानित किया गया।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की यह उपलब्धि मंडल रेल प्रबंधक अश्‍वनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन, वरिष्‍ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक श्रीमती हीना वी. केवलरामानी के कुशल नेतृत्‍व के साथ ही वाणिज्‍य विभाग के अन्‍य अधिकारियो एवं कर्मचारियों के सतत समर्पण का ही प्रतिफल है कि रतलाम मंडल ने गैर-किराया राजस्‍व के क्षेत्र में समय से पूर्व अपने लक्ष्‍य से अधिक का राजस्‍व प्राप्‍त किया है।

रतलाम मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग ₹10.45 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) लगभग ₹12.05 करोड़ का गैर-किराया
राजस्व अर्जित किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 79 नीलामियाँ आयोजित की गईं, जिनमें से 47 नीलामियों का सफलतापूर्वक आवंटन किया गया। आउट-ऑफ-होम विज्ञापन, मोबाइल एसेट्स एवं विविध स्थैतिक अनुबंधों के माध्यम से राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की गई।

वर्ष 2025-26 में रतलाम मंडल द्वारा कई नए एवं नवाचारी अनुबंध प्रारंभ किए गए, जिनमें रतलाम रेलवे स्टेशन पर मिनी मॉल, चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर वाणिज्यिक भवन, रतलाम, उज्जैन, इंदौर एवं चित्तौड़गढ़ स्टेशनों पर डिजिटल लॉकर, वंदे भारत एक्सप्रेस में एलईडी टीवी पर विज्ञापन, राजेंद्र नगर स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट तथा उज्जैन स्टेशन पर एकीकृत पार्किंग अनुबंध प्रमुख हैं।

रतलाम मंडल की यह उपलब्धि गैर-किराया राजस्व के क्षेत्र में  मंडल की सतत परिणाम की ओर अग्रसर रहने की कार्य संस्कृति को दर्शाती है तथा पश्चिम रेलवे को भारतीय रेल में अग्रणी बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।