रतलाम जिला अस्पताल में बिजली गुल: अंधेरे में मरीज, मेंटेनेंस के अभाव में जनरेटर ने भी दिया जवाब
रतलाम,12 अप्रैल (इ खबर टुडे)। शहर के मुख्य स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय में आज सुबह से ही व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। सुबह 6 बजे से अस्पताल की बिजली गुल होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और बीमारी की मार झेल रहे मरीजों के लिए बिजली का जाना दोहरी मुसीबत बन गया है। वार्डों में पंखे बंद होने से मरीज बेहाल हैं, वहीं पैथोलॉजी और अन्य जांच केंद्रों पर अंधेरा होने के कारण लैब तकनीशियन और मरीजों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दूर-दराज से आए लोग घंटों से लाइट आने का इंतजार कर रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगी लंबी कतारें
अस्पताल की कार्यप्रणाली में सबसे बड़ी बाधा पर्ची काउंटर पर देखने को मिली। डॉक्टर को दिखाने से पूर्व अनिवार्य रूप से बनने वाली पर्ची का काम पूरी तरह ठप हो गया है। कंप्यूटर सिस्टम बंद होने के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं। कई बुजुर्ग और गंभीर मरीज बिना पर्ची के घंटों बैठने को मजबूर हैं।
मेंटेनेंस की खुली पोल
बिजली कटने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए रखा गया जनरेटर भी शोपीस बना हुआ है। बताया जा रहा है कि मेंटेनेंस के अभाव में जनरेटर खराब पड़ा है, जिसके चलते बैकअप की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। यह अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है कि आपातकालीन स्थिति के लिए बैकअप सिस्टम को दुरुस्त क्यों नहीं रखा गया।
मरीजों का कहना है: "हम सुबह 6 बजे से यहाँ हैं, न पंखा चल रहा है और न ही पर्ची बन पा रही है। जनरेटर होने के बावजूद अगर हमें अंधेरे में बैठना पड़ रहा है, तो यह सरासर प्रशासन की गलती है।"

