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Raag Ratlami LPG Crisis : आपदा में अवसर का लाभ ले रहे है गैस एजेंंसियों वाले,जरुरी है इनकी कड़ी  निगरानी

 
 

-तुषार कोठारी

रतलाम। आपदा में अवसर ढूंढने के मामले में रतलाम वाले भी कतई पीछे नहीं रहते। इरान इजराइल के बीच चल रहे युद्ध की आपदा में शहर के कई सारी गैस एजंसियों वालों ने अवसर ढूंढ निकाले। एजेंसियों के गोदामों में सिलेण्डर भरे पडे है,लेकिन ग्र्राहकों की घबराहट को देखते हुए एजेंसी वालों ने फौरन दाम दुगुने और तिगुने कर दिए।

वैसे गैस एजेंसियों के लिए ये मौका बरसों बाद आया था। बीते जमाने में जब ग्र्राहकों को एजंसी के आफिस पर जाकर टंकी का नम्बर लगाना पडता था,उन दिनों को एजेंसी वाले अपना स्वर्णिम काल मानते है। उस जमाने में गैस एजेंसी वालों ने जमकर चांदी काटी। हर एजेंसी पर वास्तविक संख्या से दुगुने तिगुने ग्र्राहक दिखाए जाते थे। वास्तविक ग्र्राहकों की टंकियों के अलावा फर्जी ग्र्राहकों के नाम की टंकिया जमकर ब्लैक होती थी। हर एजेंसी वाला बडे आराम से लाखों छापता था। लेकिन जब से टंकी की सबसिडी सीधे ग्र्राहकों के बैैंक खाते में जाने लगी,एजेंसियों के फर्जी कनेक्शन खत्म हो गए। फर्जी कनेक्शन से होने वाली ब्लैक की कमाई भी बन्द हो गई। दूसरी तरफ एलपीजी से चलने वाली गाडियों की जगह सीएनजी वाली गाडियों ने ले ली। गाडी में गैस भरने से होने वाली कमाई भी बन्द हो गई और गाडियों के कारण होने वाली एलपीजी की खपत भी खत्म हो गई।  इसका असर ये हुआ कि टंकी का नम्बर आनलाइन या फोन से बुक होने लगा और नम्बर बुक करते ही टंकी घर पंहुचने लगी। किसी ग्र्राहक को गैस एजेंंसी पर जाने की जरुरत ही नहीं होती थी।

इरान इजराइल का युद्ध होने के पहले तक पूरे देश में यही हाल था। सुबह टंकी बुक करो,शाम तक या अगले दिन टंकी आपके घर पंहुच जाएगी। 

लेकिन इसी बीच युद्ध छिड गया। युद्ध को एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त बीत गया। समस्या तब भी नहीं थी,लेकिन अचानक से खबरें फैलने लगी कि एलपीजी की सप्लाय में गडबड हो रही है। कुछ नेताओं ने भी फौरन इस खबर को फैलाया। खबरें फैली,तो लोगों में डर का माहौल बनने लगा। कई लोगों को लगा कि अब पता नहीं टंकी मिलेगी या नहीं? देखते ही देखते हर कोई टंकी बुक कराने और रिफील कराने के चक्कर में पड गया।

बस इसी आपदा में गेस एजेंंसी वालों को लम्बे अरसे बाद मोटी कमाई का अवसर मिल गया।  एजेंसी वालों को थोडा फायदा इस बात का मिला कि गैस बुकींग की आनलाइन सुविधाओं में कुछ गडबड होने लगी। टेलीफोन से होने वाली बुकींग वाला फोन नम्बर भी गडबडाने लगा। नतीजा ये हुआ कि हर किसी को लगने लगा कि एलपीजी का संकट बडा संकट बन चुका है। इसी आपदा में गैस एजेंसी वाले फौरन कमाई में जुट गए. हजार रु.वाला सिलैण्डर ,दो ढाई और तीन तीन हजार में मिलने लगा।

दो तीन दिनों की उठापटक के बाद दिल्ली से लगाकर रतलाम तक सरकार और प्रशासन हरकत में आए। दिल्ली वालों ने बताया कि देश में घरेलु एलपीजी की फिलहाल कोई कमी नहीं है। जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने लगे।

दिल्ली के निर्देशों पर हर जगह गैस की कालाबाजारी को रोकने की कोशिशें चालू हुई। रतलाम का इंतजामिया भी हरकत में आया। ग्र्राहकों के लिए हेल्पलाइन नम्बर चालू करने की घोषणाएं की गई। लोगों को लगा कि अब हालात सुधर जाएंगे। लेकिन सरकारी तौर तरीके वैसे ही बने रहे। कुछ परेशान ग्र्राहकों ने जब हेल्पलाइन नम्बर पर फोन लगाए तो पता चला कि ये फोन तो लगता ही नहीं है। हांलाकि गैस बुकींग की व्यवस्था में सुधार आ जाने से लोगों की घबराहट कम हो गई है.और अब एजेंसियों पर ग्र्राहकों की भीड नहीं लग रही है। लेकिन अब भी कई एजेंसी वाले आपदा में अवसर का लाभ ले रहे है। जिला इंतजामियां को कालाबाजारी रोकने के लिए कडे कदम उठाना चाहिए। फिलहाल गैस टंकियों की कमी नहीं है,लेकिन अगर वास्तव में कमी होने लगी तो अव्यवस्था के चलते हाहाकार मच सकता है। जिला इंतजामिया को अभी से गैस एजेंंसियों पर कडी निगरानी रखना चाहिए ताकि समस्या आने की स्थिति में उस पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।

आदत से मजबूर कुख्यात भू माफिया

बुद्ध के नाम पर फर्जी स्कूल चलाने और जमाने भर के फर्जीवाडों से खबरें में बने रहने वाले शहर का कुख्यात भूमाफिया अपनी घोटालों गडबडियों की आदत से मजबूर है। खुद का राजाओं का इन्द्र समझने वाले इस भूमाफिया की आदत है कि वह बिना कोई गडबडी करें ज्यादा दिन शांति से गुजार भी नहीं सकता। अभी कई दिनों से ये भूमाफिया खबरों से गायब था,शायद इसीलिए उसने फिर एक नया कारनामा कर दिखाया।

भूमाफिया के निशाने पर इस बार रिद्धि सिद्धी एवेन्यू नाम की कालोनी के रहवासी आ गए। रतलाम पब्लिक स्कूल के पास बसी इस कालोनी के नजदीक ही कुख्यात भूमाफिया अपनी नई कालोनी बना रहा है। अपनी नई कालोनी में जाने की सडक़ बनाने के लिए भूमाफिया ने रिद्धी सिद्धि एवेन्यू की बाउण्ड्री वाल को बिना कालोनी वालों की इजाजत के तोड दिया और रास्ता बनाना शुरु कर दिया। 

कालोनीवालों ने जब अपनी बाउण्ड्री वाल को टूटा देखा,तो उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर जा पंहुचा। उन्होने भूमाफिया द्वारा बनाई जा रही सडक़ पर पत्थर और कांटे रखकर रास्ता बनाने का काम रोक दिया। भूमाफिया की हरकतों को सोशल मीडीया पर वायरल कर दिया गया। भूमाफिया की शिकायत पुलिस और इंतजामिया के अफसरों को भी कर दी गई। कुल मिलाकर लम्बे वक्त से खबरों से गायब भूमाफिया इस बहाने फिर से खबरों में आ गया है।