Raag Ratlami Holi Celebration : छाने लगा है होली का सुरूर,नदारद हो चुके है पानी बचाने का ज्ञान देने वाले/ फूल छाप पार्टी में चालू है नियुक्तियों का इंतजार....
-तुषार कोठारी
रतलाम। होली के नजदीक आने के साथ हर ओर होली का सुरूर छाता हुआ दिखने लगा है। रंग और पिचकारियों की दुकानें सजने लगी है और इन दुकानों पर अच्छी खासी भीड भी नजर आने लगी है। सबसे अच्छी बात ये है कि आजकल होली पर लकडियां और पानी को बचाने का ज्ञान देने वाले गायब हो चुके है। वरना होली आने के काफी पहले से इस तरह के ज्ञानी सक्रिय हो जाया करते थे।
याद कीजिए,कुछ सालों पहले होली के नजदीक आने के साथ ही बाकायदा होली के त्यौहार को बरबाद करने की कोशिशें शुरु हो जाती थी। कोई तिलक होली की दुहाई देने लगता था तो कोई सूखी होली खेलने की नसीहतें देने लगता था। इन ज्ञानियों को होली दहन से भी समस्या हुआ करती थी। उन्हे लगता था कि सारी दुनिया के पेड होली जलाने में ही खत्म होने वाले है।
लेकिन भला हो कि होली का हंगामा करने वालों ने इस तरह के ज्ञानियों को उनकी हैसियत बता दी और आखिरकार आजकल इस तरह के उपदेश देने वाले ज्ञानी गायब हो चुके है। ये कहानी पूरे देश में चला करती थी,तो रतलाम में भी चलती थी। खासतौर पर इस तरह का ज्ञान देने वाले ज्ञानी, कुछ फर्जी संस्थाओं के नाम से अखबारों में खबरें लगा लगा कर माहौल बनाने की कोशिशें करते थे। फिर इन कोशिशों के असर में कुछ अतिज्ञानी अखबार वाले भी शामिल हो जाया करते थे।
लेकिन अब ना तो इस तरह का ज्ञान देने वाले है,और ना ही इस तरह की खबरें या अखबारों के अभियान है। होली का धूमधडाका जोर शोर से होने की तैयारियां की जा रही है। रंगो और पिचकारियों की दुकानें सजी हुई है। रंग बिरंगे गुलाल और पक्के रंगों की जमकर बिक्री हो रही है। बाजार का माहौल बता रहा है कि होली बहुत जोरदार ढंग से मनाई जाएगी।
फूल छाप पार्टी में नियुक्तियों का इंतजार....
फूलछाप पार्टी के नेता लम्बे समय से परेशान है। सत्ता में रहने के कारण सत्ता की परेशानियां होती है। अगर पार्टी विपक्ष में रहती तो नेताओं की परेशानियां कुछ अलग तरह की होती,लेकिन चूंकि फूल छाप पार्टी सत्ता में है तो उसके नेताओं को अलग तरह की परेशानियां है। फूल छाप पार्टी के नेताओं की परेशानी,नियुक्तियों को लेकर है। सरकार को ढेरों नियुक्तियां करना है। लेकिन नियुक्तियों का दिन है कि आ ही नहीं रहा।
फूल छाप पार्टी के रतलामी नेता तो और भी लम्बे वक्त से परेशान चल रहे थे। पहले पार्टी संगठन में नए मुखिया का आगमन हुआ तो पार्टी के पदों को लेकर नेताओं को काफी लम्बा इंतजार करना पडा। हांलाकि अभी भी कई सारे पद खाली पडे है और कई सारे नेताओं का इंतजार अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
संगठन के पदों के इंतजार के बाद अब फूल छाप वालों को सरकारी पदों की नियुक्तियों का इंतजार है। सरकार को निगम मण्डलों और प्राधिकरणों की नियुक्तियां करना है। इन नियुक्तियों को लेकर राजधानी से हर बार नई खबरें आ जाती है। कभी खबर आती है कि राज्यों के चुनावों के बाद नियुक्तियां करदी जाएगी तो कभी खबर आती है कि संगठन की नियुक्तियों के बाद घोषणा हो जाएगी। हर खबर के बाद दो चार महीने गुजर जाते है और नेताओं के पास इंतजार के सिवाय और कोई चारा नहीं होता।
इस वक्त भी ऐसा ही वक्त चल रहा है। शहर के विकास के लिए बनाए गए प्राधिकरण के साथ साथ शहर सरकार के पांच छ: एल्डरमेन सरकार को नियुक्त करना है। इन पदों को लेकर दर्जनों लोग उम्मीद लगाए बैठे है। अपने अपने आकाओं की परिक्रमा जैसे तमाम जतन भी कर रहे हैैं। लेकिन सरकार है कि घोषणा को लगातार टाले जा रही है। कोई नहीं जानता कि ये इंतजार कितना लम्बा होगा और किसको प्रसाद मिलेगा?

