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  निजी स्कूल वसूल रहे है मनमानी फीस, सांसद ने कलेक्टरों को पत्र लिखकर दिए सख्त निर्देश 

  आरटीई नियमों का सख्ती से हो पालन,अभिभावकों पर ना डाले आर्थिक बोझ 
 
 

आलीराजपुर/रतलाम,16 अप्रैल(इ खबर टुडे)। लोकसभा क्षेत्र क्रमांक–24 रतलाम–झाबुआ–आलीराजपुर में कुछ निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र की सांसद श्रीमती अनिता नागरसिंह चौहान ने रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर के कलेक्टरों को पत्र प्रेषित करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सांसद श्रीमती चौहान ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्थिति में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाए और सभी स्कूल निर्धारित नियमों के अनुसार ही शुल्क लें।


विधायक प्रतिनिधि एवं मंत्री सांसद हेल्पलाइन के संसदीय क्षेत्र के प्रभारी गोविंदा गुप्ता ने बताया कि रतलाम झाबुआ आलीराजपुर के विभिन्न अभिभावकों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ निजी विद्यालय सामान्य विद्यार्थियों से विभिन्न गतिविधियों और सुविधाओं के नाम पर अनावश्यक शुल्क वसूल रहे हैं। वहीं, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत प्रवेशित विद्यार्थियों से भी नियमों के विरुद्ध शुल्क लेने की शिकायतें सामने आई हैं, जो पूरी तरह से अवैध है।

सांसद श्रीमती अनिता चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के राजपत्र क्रमांक एफ - 44/09/2011/20-1 में दिए निर्देशानुसार आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ पाठ्यपुस्तक, गणवेश, आईटी सुविधाएं और खेल गतिविधियों जैसी सभी सुविधाएं बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके बावजूद मिल रही सूचनाएं अनुसार कुछ निजी विद्यालयों द्वारा इन विद्यार्थियों से भी अलग-अलग मदों में शुल्क ले रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।

वास्तविक शुल्क ले, अनावश्यक शुल्क ना ले

सांसद ने अपने पत्र में यह भी बताया कि कई निजी विद्यालय एप्लीकेशन फीस, पंजीयन शुल्क, प्रवेश शुल्क, वार्षिक शुल्क, पुनः प्रवेश शुल्क, एलुमनी फंड, काशन मनी, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, खेल शुल्क, एक्टिविटी शुल्क, कम्प्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास फीस और साइंस लैब शुल्क जैसे विभिन्न नामों पर अभिभावकों से राशि ले रहे हैं। सांसद श्रीमती चौहान ने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा वास्तविक एवं योग्य मद में ली जाने वाली फीस में किसी भी परिस्थिति में कोई आपत्ति ना होकर विद्यालय ले सकता है। किंतु कुछ विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को नियमों की जानकारी के अभाव का लाभ उठा कर अतिरिक्त एवं अवैधानिक तरीके से लिए जा रहे शुल्कों से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

नियमों के प्रचार करने के निर्देश
 
इस पूरे मामले में सांसद ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल संज्ञान लेकर सभी निजी विद्यालयों को फीस से संबंधित नियमों एवं आरटीई प्रावधानों की जानकारी दें। साथ ही, जनहित में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आम नागरिकों को भी उनके अधिकारों और नियमों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि कोई भी विद्यालय निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली न कर सके। सांसद ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कलेक्टरों से इस विषय में की गई कार्यवाही की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को भी कहा है।

इस पहल को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

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इनका कहना है 

संसदीय क्षेत्र में कई निजी विद्यालय है, किंतु शिकायत सिर्फ चुनिंदा कुछ निजी विद्यालयों की प्राप्त हो रही है। योग्य एवं वास्तविक शुल्क लेने के हमें कोई आपत्ति नहीं है। अनावश्यक एवं अवैधानिक तरीके से लिए जाने वाला शुल्क अभिभावकों पर बोझ है। मैने तीनों जिलों के कलेक्टर को पत्र प्रेषित किया है। नियमों एवं योजना की जानकारी का प्रचार प्रसार करने से आमजनमानस में जागरूकता भी आएगी।  किसी प्रकार की समस्या होने पर अभिभावक हमारी "मंत्री सांसद हेल्पलाइन - 8889766687" पर संपर्क कर सकता है, हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

-अनिता नागरसिंह चौहान, सांसद