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 श्री महाकालेश्वर मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को विवादों से दूर करने के लिए व्यवहार एवं भीड़ प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण

 

 

उज्जैन,22 सितम्बर(इ खबर टुडे)। आने वाले समय में संभव है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और सुरक्षा गार्डों के बीच विवादों की परिस्थिति देखने को न मिले। इसके लिए मंदिर प्रबंध समिति ने चिंता लेते हुए सुरक्षा गार्डों को विश्वविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण की शुरूआत कर दी है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं  को सुगम, सुरक्षित एवं सकारात्मक दर्शन अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षाकर्मियों के लिए विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण की शुरूआत की है।मंगलवार को प्रथम बेच ने इसके तहत प्रशिक्षण लिया है।

 

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह बताते हैं कि ग्राम लेकोडा स्थित अवंतिका यूनिवर्सिटी, उज्जैन में यह प्रशिक्षण आयोजित होगा।  विश्व विद्यालय ने अपने यहां कोर्स संचालित किया है। इसमें सुरक्षा के साथ सामान्य व्यवहार का ज्ञान सुरक्षा गार्डों को दिया जाएगा। प्रति 6 माह में ऐसा किया जाएगा जिससे स्कील डेवलपमेंट भी होगा। अगर कुछ सालों में एजेंसी बदलती है तो भी स्थानीय सुरक्षा कर्मियों के पास अलग से एक योग्यता होने पर इन्हें रोजगार में भी इससे  प्राथमिकता मिल सकेगी। अन्य सुरक्षा एजेंसी में भी इन्हें प्राथमिकता मिल सकेगी।

 

विश्वविद्यालय के उपकुलपति नितिन राणा, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ. प्रोफेसर अजीत उपाध्याय के मार्गदर्शन में सुरक्षाकर्मियों को सॉफ्ट स्किल, श्रद्धालुओं से मधुर एवं सकारात्मक व्यवहार, भीड़ प्रबंधन, कतार प्रबंधन तथा दर्शन व्यवस्था के दौरान प्रभावी संवाद का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सुरक्षाकर्मियों को इस बात के लिए भी व्यावहारिक रूप से तैयार किया जाएगा कि वे श्रद्धालुओं के साथ संयमित, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार करते हुए उन्हें दर्शन व्यवस्था से संबंधित आवश्यक जानकारी सहजता से उपलब्ध कराएं।

प्रशिक्षण प्रतिदिन 100 सुरक्षाकर्मियों को प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिया जाएगा। अगले 8 दिवसों में कुल 800 सुरक्षाकर्मियों को इसमें प्रशिक्षित किया जाएगा। मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव बताती हैं कि अवंतिका विश्वविद्यालय एवं मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षा गार्डों को नि:शुल्क प्रशिक्षण की यह शुरूआत है। इसमें सुरक्षा गार्ड को थ्योरी एवं प्रेक्टिकल की स्थितियों से भी अवगत करवाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें इसके अध्ययन की सामग्री भी दी जा रही है।