रतलाम / पुलिस ने दबोचे लंबे समय से सट्टा चला रहे चार आदतन अपराधी
माणकचौक थाना क्षेत्र में दबिश; आरोपियों पर बढ़ा दी गई है कड़ी धाराएं, जिला बदर की तैयारी
रतलाम,20जूनी(इ खबर टुडे)। जिले में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा हंटर चलाया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में थाना माणकचौक पुलिस को लंबे समय से सट्टे के अवैध कारोबार में लिप्त आदतन अपराधियों को दबोचने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को पुलिस टीम ने शहर के व्यस्ततम इलाकों त्रिपोलिया गेट, घासबाजार और कसारा बाजार पर दबिश देते हुए शातिर सटोरियों को धरदबोचा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पेंद्रो, विवेक कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में माणकचौक थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
जोड़ी गई 'बीएनएस' की धारा 112
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी पेशेवर और आदतन अपराधी हैं जो लंबे समय से संगठित रूप से इस अवैध सट्टा नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। संगठित रूप से अपराध करने के कारण पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 का इजाफा किया है। इसके साथ ही, इन सभी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस इनके खिलाफ पृथक से जिला बदर (तड़ीपार) करने की कार्रवाई भी कर रही है।
गिरफ्तार किए गए सटोरिए
पुलिस ने दिलीप उर्फ कालू पिता पुरुषोत्तम कसेरा 45 वर्षीय निवासी श्रीनगर कॉलोनी रतलाम पूर्व अपराध 31, हेमन्त पिता बंशीलाल पण्ड्या 52 वर्षीय निवासी त्रिवेणी रोड, रतलाम पूर्व अपराध 11, रवि उर्फ गोलू पिता चन्दर गवली 40 वर्षीय निवासी गवली मोहल्ला, रतलाम पूर्व अपराध 17, प्रकाश पिता मनोहरलाल जैन 82 वर्षीय निवासी सुतारो का वास, रतलाम पूर्व अपराध 43 को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से आरोपियों के कब्जे से कुल 2650/- रुपये नगद बरामद किए हैं। जिन चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके खिलाफ पहले से ही दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
सट्टेबाजों को गिरफ्तार करने में माणकचौक थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान, उपनिरीक्षक (SI) लोकेन्द्रसिंह डाबर, उपनिरीक्षक (SI) सुभाषचन्द्र अग्निहोत्री, सउनि गोरचन्द, सउनि आशीष मांगरिया, प्रधान आरक्षक (HC) अमीचन्द सिंगारे, प्र.आर. विजय झोडिया, प्र.आर. विकास बोरासी, प्र.आर. रमेश चौहान और आरक्षक (Constable) वीरेन्द्र बारोड की सराहनीय भूमिका रही। एसपी ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।

