प्रदेश में 20 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मीयो को ही मिलेंगे एक लाख रुपए, 27 माह में 6.28 लाख लाड़ली बहना कम हुईं
भोपाल,24फरवरी (इ खबर टुडे ) । मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत 52.35 प्रतिशत बच्चियों ने ही कक्षा छठवीं तक पढ़ाई की हैं। वहीं 19.97 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मियों ने कक्षा 12वीं, 5.83 प्रतिशत ने स्नातक और 0.33 फीसदी ने स्नातकोत्तर में प्रवेश लिया है। यह जानकारी महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न पर दी।
इस प्रकार देखा जाए तो 20 प्रतिशत लाड़ली लक्ष्मियों को ही एक लाख रुपए मिलेंगे। मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि 2007 से 2025 तक 52.2 लाख लाड़ली लक्ष्मियों ने पंजीयन करवाया।
कक्षा नौंवी में 42.21 और 11वीं में 24.72 ने प्रवेश लिया
2012 में सर्वाधिक 3,54,271 तथा उसके बाद 2021 में 3,44,649 व 2025 में 2,72,006 पंजीयन हुए। 2025-26 तक योग्य 26.13 लाख लाड़ली लक्ष्मियों में से 13.68 लाख यानी 52.35 प्रतिशत ने ही कक्षा छठवीं कक्षा में प्रवेश लिया। कक्षा नौंवी में 42.21 और 11वीं में 24.72 ने प्रवेश लिया।
कक्षा 12वीं में प्रवेश लिया है, उन्हीं को एक लाख 21 वर्ष पूर्ण करने पर
योजना के प्रविधान के अनुसार जिन लाड़लियों ने कक्षा 12वीं में प्रवेश लिया है, उन्हीं को एक लाख रुपए 21 वर्ष पूर्ण करने पर प्राप्त होंगे। 2027 में पांच हजार और 2028 में 40 हजार लाड़ली लक्ष्मियां लाभांवित होंगी।
उल्लेखनीय है कि लाडली लक्ष्मियों में शिक्षा के प्रति रुझान कम होने को लेकर तीन दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने स्वत: संज्ञान लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
27 माह में 6.28 लाख लाड़ली बहना कम हुईं
सरकार की ओर से भले ही बार-बार कहा जा रहा है कि 2028 तक लाड़ली बहना को तीन हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे, लेकिन शासन के पोर्टल पर यह घोषणा दर्ज नहीं है। नया पंजीयन प्रारंभ करने का कोई भी प्रस्ताव नहीं है। 27 माह में 6.28 लाख लाड़ली बहना कम हुई हैं। यह जानकारी महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल तथा पंकज उपाध्याय के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
जनवरी 2026 में घटकर 124.78 हो गईं
उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में 131.07 लाख लाड़ली बहना थीं, जो जनवरी 2026 में घटकर 124.78 हो गईं। इनमें सामान्य 118.27 लाख एवं पेंशन प्राप्त करने वाली लाड़ली बहना 6.51 लाख हैं।
जनवरी 2026 में 55 से 60 वर्ष की लाड़ली बहना 7.89 लाख, 35 से 55 वर्ष की 71.63 लाख और 23 से 35 वर्ष की लाड़ली बहना 45.26 लाख हैं। योजना के प्रचार-प्रसार पर जनवरी 2023 से जनवरी 2026 तक 115.29 करोड़ व्यय किए गए हैं।

