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14 दिन के उपचार के बाद नवजात को सेवा भारती मातृछाया शिशु गृह किया सुपुर्द

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रतलाम 22 जुलाई(इ खबर टुडे ) । सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह ने  बताया कि 4 जुलाई 2026 को जी.आर.पी. स्टाफ द्वारा रेलवे की एक बोगी में अज्ञात अवस्था में मिली एक नवजात बालिका को जिला चिकित्सालय के एस.एन.सी.यू. (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया था। 

बालिका का नाम अस्थायी रूप से देवी रखा गया। लगभग 14 दिनों तक एस.एन.सी.यू. में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी, साथ ही सिविल सर्जन द्वारा भी समय समय पर नवजात को देखा गया, समर्पित उपचार और स्नेहपूर्ण देखभाल के बाद नवजात का स्वास्थ्य पूरी तरह संतोषजनक हो गया। 

इसके पश्चात 20 जुलाई 2026 को सेवा भारती मातृछाया शिशु गृह में प्रवेश हेतु सामाजिक कार्यकर्ता अर्पित गुप्ता व शीतल सोलंकी ( यशोदा) को बालिका विधिवत सुपुर्द की गई।

समाजसेवी गोविंद काकानी ने बताया कि नवजात को मातृछाया भेजे जाने की जानकारी  सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान को भी दी गई। उन्होने नवजात के स्वास्थ्य एवं समुचित देखभाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह के मार्गदर्शन में एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. प्रतीक आर्य एवं टीम ने नवजात का उपचार और देखभाल की। स्वस्थ होने के बाद बालिका को सेवा भारती मातृछाया शिशुगृह के लिए विधिवत सुपुर्द कर दिया गया।