राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 23 सितंबर को किया जाएगा,एल्बेंडाजोल की 400 एमजी की गोली खिलाई जाएगी
रतलाम 30 अगस्त (इ खबर टुडे ) । भारत सरकार के निर्देशानुसार फिक्स डे स्ट्रेटजी के तहत मास डिवर्मिंग के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु 23 सितंबर 2025 मंगलवार को राष्ट्रीय मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाएगा।
जिले के एक से 19 वर्ष के बच्चों तथा प्रजनन आयु वर्ग 19 से 49 वर्ष की महिलाओं ( गर्भवती माताओ और धात्री माताओं को छोड़कर) को शासकीय एवं समस्त प्राइवेट स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मदरसों, छात्रावास, आदिवासी आश्रम शालाओ में कृमिनाशन किया जाएगा।
कार्यक्रम की प्रारंभिक तैयारियां के संबंध में जिला प्रशिक्षण केंद्र विरीयाखेड़ी में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 23 सितंबर को दवा से वंचित रहने वाले लाभार्थियों को 26 सितंबर को माप अप डे पर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 1 से 2 वर्ष की आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली चुरा करके साफ पानी के साथ, 2 से 3 वर्ष की आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की 400 एम जी की पूरी गोली चुरा करके साफ पानी के साथ, 3 साल से 19 साल के बच्चों को एल्बेंडाजोल की पूरी गोली चबाकर पीने के साफ पानी के साथ तथा 19 साल से 49 साल तक की महिलाओं को पूरी गोली चबाकर साफ पानी के साथ आशा कार्यकता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ए एन एम, आशा सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्कूली शिक्षक आदि के द्वारा खिलाई जाएगी।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि कृमि ऐसे परजीवी है जो जीवित रहने के लिए मनुष्य के शरीर में आंतों में रहकर मनुष्य के पोषक तत्वों को खा जाते हैं। कृमि के कारण एनीमिया, कुपोषण, मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा होती है, इसलिए साल में एक बार एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाना आवश्यक है।
एविडेंस एक्शन के संभागीय समन्वयक कपिल कुमार यति ने बताया कि कृमि नाशन के माध्यम से समुदाय में कृमि की व्यापकता में कमी, बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, एनीमिया का नियंत्रण, सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार, वयस्क होने पर काम करने की क्षमता और आय में बढ़ोतरी जैसे लाभ होते हैं।
जिला स्तरीय बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी सहित डीपीएम डॉक्टर प्रमोद प्रजापति, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर गौरव बोरीवाल, जिला एम एंड ई अधिकारी सुश्री श्वेता बागड़ी, सी पी एच सी सलाहकार श्री लोकेश वैष्णव, डी सी एम कमलेश मुवेल, निलेश चौहान, आशीष चौरसिया, तथा बी एम ओ, बी पी एम, बी ई ई, बी सी एम सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।