हिन्दू सम्मेलनों का रविवार,डेढ लाख से अधिक हिन्दुओं ने लिया पंच परिवर्तन का प्रण
* सम्मेलनों में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
* हिन्दुओं की एकता का सबसे बडा प्रमाण
रतलाम,11 जनवरी (इ खबरटुडे)। रविवार का पूरा दिन हिन्दू सम्मेलनों के नाम रहा। शहर में पैैंतालिस अलग अलग स्थानों पर अलग अलग बस्तियों के हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए गए,जिनमें एक लाख से अधिक हिन्दुओं ने शामिल होकर एकता का सबसे बडा प्रमाण प्रस्तुत किया। सम्मेलनों में आए हिन्दुओं ने पंच परिवर्तनों के माध्यम से देश को विकसित भारत बनाने का प्रण लिया। सभी सम्मेलनों में सहभोज भी आयोजित किए गए,जहां जातिभेद को परे रखकर एक पंगत एक संगत के माध्यम से सामाजिक समरसता का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में रतलाम नगर में कुल 45 बस्तियां बनाई गई थी और प्रत्येक बस्ती का हिन्दू सम्मेलन रविवार को ही आयोजित किया गया था। प्रत्येक सम्मेलन में आशीर्वचन देने के लिए एक संत उपस्थित थे,जबकि संघ के पंच परिवर्तनों की जानकारी देने के लिए मातृशक्ति वक्ता के रुप में उपस्थित थी। संघ स्थापना के सौ वर्षों की यात्रा और इस अवधि में संघ के सामने आई चुनौतियों,बाधाओं के साथ साथ संघ के माध्यम से समाज में आए सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी देने के लिए संघ के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलनों को सम्बोधित किया।

प्रत्येक हिन्दू सम्मेलन में बस्तियों के बच्चों द्वारा देश प्रेम से ओत प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। बच्चों ने देश भक्ति पूर्ण गीत और सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। देश भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। सम्मेलनों के समापन पर स्नेहभोज भी आयोजित किए गए थे। प्रत्येक बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलनों के लिए बस्ती के ही नागरिकों से आर्थिक सहयोग लिया गया था और लोगों ने इसमें बढ चढ कर हिस्सा लिया और सम्मेलनों के लिए सहयोग दिया।
उल्लेखनीय है कि बस्तीश: हिन्दू सम्मेलनों की तैयारियां पिछले लम्बे समय से की जा रही थी। संघ के कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर सम्मेलन के न्यौते दिए थे। अनेक बस्तियों में प्रतिदिन प्रभात और संध्या फेरिया भी निकाली जा रही थी। हिन्दू सम्मेलनों को लेकर पूरे नगर में जबर्दस्त उत्साह का वातावरण बना हुआ था। इसी का परिणाम था,कि रविवार को इन सम्मेलनों में डेढ लाख से अधिक लोग जुटे।

इन सम्मेलनों में पुरुषों के साथ बडी संख्या में नारी शक्ति और बच्चे भी शामिल हुए। प्रत्येक बस्ती के गणमान्य नागरिकों ने भी इन सम्मेलनों में भागीदारी की। हिन्दू सम्मेलनों में बडी संख्या में निर्वाचित जनप्रतिनिधि,बुद्धिजीवी.डाक्टर्स,इंजीनियर,चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट,व्यवसायी इत्यादि तो शामिल हुए ही,नगर की आर्थिक रुप से कमजोर बस्तियों के परिवारों ने भी सम्मेलनों में बढ चढ कर हिस्सेदारी की।

