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 भारत भारती द्वारा महिलाओ के लिए  “कभी खुद से भी तो मिल” कार्यक्रम का आयोजन 

 
 


रतलाम,28 अप्रैल (इ खबर टुडे) राष्ट्रीय एकात्मता के महान संकल्प एवं सांस्कृतिक चेतना के पावन उद्देश्य को समर्पित संगठन "भारत भारती" के तत्वावधान में गत दिनों  नारी के आत्मसंवाद, अनुभूतियों एवं विचारों की अभिव्यक्ति हेतु एक विशेष कार्यक्रम “कभी खुद से भी तो मिल” का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन भारत भारती  के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय  पत्राले , मध्य प्रदेश संयोजिका डॉ. प्रवीणा दवेसर  एवं भारत भारती की रतलाम  संयोजिका अधिवक्ता श्रीमती अदिति दवेसर रतलाम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत की  मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वैशाली जैन आईएएस ने अपने प्रभावी उद्बोधन में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वयं निर्णय लेने एवं प्रतिदिन कुछ समय अपने लिए निकालने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएँ आत्मचिंतन करें और स्वयं को प्राथमिकता दें, तो वे जीवन में संतुलन एवं संतुष्टि प्राप्त कर सकती हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी स्वरचित रचना जो नारी की महत्ता के संबंध में है 'अहं ब्रह्मास्मि' भी प्रस्तुत की।       

 प्रमुख वक्ता प्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका डॉ. पांखुरी वक्त (उज्जैन) ने अपने विचारों में महिलाओं के भावनात्मक संतुलन, आत्मसम्मान एवं जीवन में “ना” कहना सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाएँ हर भूमिका निभाती हैं, परंतु स्वयं के लिए समय निकालना भी उतना ही आवश्यक है।


विशिष्ट अतिथि सुश्री सविता दीदी ब्रह्मकुमारी, रतलाम,द्वारा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिसमें महिलाओं ने आत्मसंवाद के माध्यम से स्वयं को समझने और मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रयास किया। इस सत्र ने उपस्थित महिलाओं को आंतरिक सशक्तिकरण का अनुभव कराया।
 

श्रीमती अदिति दवेसर ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आयोजन महिलाओं को आत्मसंवाद के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें स्वयं के लिए समय निकालने की दिशा में जागरूक करने हेतु किया गया है। उन्होंने बताया कि महिलाएँ परिवार एवं समाज की जिम्मेदारियों में स्वयं को भूल जाती हैं, इसलिए उन्हें एक ऐसा मंच देना आवश्यक है, जहाँ वे अपने विचारों एवं भावनाओं को खुलकर अभिव्यक्त कर सकें।


डॉ . प्रवीणा दवेसर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कार्यक्रम मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वयं से संवाद करने और आत्मपहचान की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मनिरीक्षण के माध्यम से वे अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचान सकती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री अदिति मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन पश्चात वंदे मातरम गीत की प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम को रोचक एवं जीवंत बनाने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। 


श्रीमती संगीता जैन द्वारा प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार अजहर हाशमी के गीत 'दुनिया से तो बहुत मिला तो खुद से भी तो मिल ,की संगीतमय प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर गृहकार्य सहयोगी महिलाओं का विशेष रूप से सम्मान किया गया। सम्मानित महिलाओं में श्रीमती ममता यादव, श्रीमती प्रीति, सुश्री राजू, श्रीमती ललिता, श्रीमती रामकन्या, श्रीमती आशा, श्रीमती नेहा, श्रीमती अनीता, श्रीमती पार्वती, श्रीमती हीरा, श्रीमती ललिता, श्रीमती ज्योति एवं श्रीमती संगीता शामिल रहीं।

कार्यक्रम में भारत भारती की टीम के सदस्य प्रवीण रामावत, राकेश यादव, लगन शर्मा, दिवाकर भटेले, एडवोकेट राहुल सक्सेना, श्रीमती मीनाक्षी मलिक, श्रीमती सुरभि यादव, अर्पित पांडे, विक्रम चौधरी, सौरभ गुर्जर, श्रीमती सोनी श्रीवास्तव एवं श्रीमती रेनू दुबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में आभार प्रदर्शन श्रीमती मीनाक्षी मलिक द्वारा किया गया।