मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, पीड़ित ने कलेक्टर को नवजात शिशु की मौत के दोषियों की शिकायत
रतलाम, 26 फरवरी (इ खबर टुडे)। रतलाम के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति ने कलेक्टर को नाती की मौत के मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की को लेकर शिकायत करते हुए आवेदन दिया है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित रामचंद्र कुमावत 53 वर्ष निवासी मोहन टॉकीज ने कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया कि उसकी विवाहित पुत्री को प्रसव होने से 5 जनवरी को 80 फीट रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पुत्री का जन्म हुआ। डॉक्टर ने कहा कि नवजात शिशु की हालत काफी नाजुक है, इसे तुरंत किसी बड़े अस्पताल में भर्ती किया जाए।
रामचंद्र ने शहर के मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु को भर्ती कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने नवजात शिशु की जांचे भी की। शिशु को 10 दिन भर्ती भी रखा। परंतु उपचार दौरान बिमारी का पता नहीं चला। डॉक्टर ने पीड़ित को बताया कि नवजात शिशु के फेफड़ों में पानी भरा हुआ है, आपकी मर्जी हो वहां इसे ले जा सकते हो, हमें इसकी बीमारी का पता नहीं चल रहा है।
शिकायतकर्ता फरियादी नवजात शिशु को 16 जनवरी के दिन एंबुलेंस में वेंटिलेटर पर गुजरात के अहमदाबाद अस्पताल में ले गया ओर भर्ती करवाया, जहां उसका दो दिन इलाज के बाद नवजात की मौत हो गई। अहमदाबाद के डॉक्टरों का कहना था कि नवजात को ब्लड ज्यादा देने से उसके दिमाग में ब्लड जमा हुआ था और लंग्स में पानी भरा हुआ था जिसके कारण उसकी मौत हुई है। पीड़ित व्यक्ति ने नवजात शिशु की इलाज के दौरान लापरवाही बरतने वाले सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

